भाजपा के प्रत्याशियों की सूची जारी होने के साथ ही कई सीटों का समीकरण गड़बड़ा गया है। मथुरा-वृंदावन, मांट और बलदेव विधानसभा सीट पर बसपा और भाजपा के प्रत्याशी एक ही जाति से हो गए हैं। खास बात ये है कि इन सीटों पर ये जातियां निर्णायक की स्थिति में है।
मथुरा विधानसभा सीट से बसपा ने योगेश द्विवेदी को अपना प्रत्याशी घोषित कर रखा है। उन्हें उम्मीदवार बनाने की एक सबसे बड़ी वजह उनकी बिरादरी यानी ब्राह्मणों का इस सीट पर 70,000 का वोट होना था। अब भाजपा ने भी इस सीट पर श्रीकांत शर्मा के रूप में ब्राह्मण को ही टिकट दे दिया है। यानी अब इस सीट पर दो ब्राह्मण प्रत्याशी हो गए हैं।
मांट सीट पर भी यही स्थिति बन रही है। मांट से विधायक श्यामसुंदर शर्मा बसपा से प्रत्याशी हैं। इस सीट पर भी ब्राह्मण बिरादरी का वोट काफी है। भाजपा ने भी इस सीट से ब्राह्मण चेहरे के रूप में एसके शर्मा को मैदान में उतारा है।
वहीं बलदेव की सुरक्षित सीट से बसपा ने प्रेमचंद्र कर्दम को अपना प्रत्याशी बनाया है। जबकि भाजपा ने लोकदल छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले विधायक पूरन प्रकाश को अपना उम्मीदवार बनाया है। यह दोनों भी एक ही जाति से ताल्लुक रखते हैं। कुल मिलाकर तीनों ही सीटों पर समीकरण गड़बड़ा सकता है।
श्रीकांत को मिला अमित शाह के करीब होने का इनाम
भाजपा ने मथुरा सीट से राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा को अपना प्रत्याशी बनाया है। जबकि इस सीट से डा. देवेंद्र शर्मा, डा. डीपी गोयल, रविकांत गर्ग, विनोद अग्रवाल, योगेश आवा समेत 22 लोग अपनी दावेदारी कर रहे थे। बताया जाता है कि श्रीकांत शर्मा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के बेहद करीबी हैं। वित्त मंत्री अरुण जेटली के भी वो करीबी माने जाते हैं।
कारिंदा सिंह को दोबारा उतारा मैदान में
भाजपा ने गोवर्धन सीट से कारिंदा सिंह को प्रत्याशी बनाया है। 2012 में भी वो इसी सीट से चुनाव लड़ चुके हैं। उस वक्त वो तीसरे नंबर पर रहे थे। बताया जाता है कि कारिंदा सिंह के संघ में अच्छे रिश्ते रहे हैं।