पुलिस को देखते ही कब्जाधारियों ने फायरिंग शुरू कर दी थी। तलवार, भाला और लाठी से वार कर रहे थे। जैसे ही दीवार तोड़कर पुलिस भीतर घुसी, पेड़ों पर बैठे कब्जाधारियों ने अचानक हमला कर दिया। न्यायिक आयोग के समक्ष पेश हुए एक इंस्पेक्टर और छह दरोगाओं ने अपनी गवाही दी।
जवाहरबाग हिंसा की जांच कर रहे न्यायिक आयोग के समक्ष पेश होकर 134 लोग अपनी गवाही दे चुके हैं। इनमें अधिवक्ता, उद्यान विभाग के अधिकारी और तहसील वाले हैं। बुधवार को छह पुलिस वालों ने पहुंचकर भी गवाही पेश की। इनमें एक इंस्पेक्टर और पांच दरोगा थे।
पुलिस वालों ने कहा है कि जवाहरबाग की दीवार तोड़कर जैसे ही पुलिस भीतर दाखिल हुई, पेड़ों पर बैठे कब्जाधारी पुलिस पर टूट पड़े। गोलियां चलाई गईं। महिलाएं भी थीं। बुधवार को न्यायिक आयोग के समक्ष दिन भर गवाही होती रही। वहीं जेल में बंद चंदन बोस, राकेश गुप्ता और वीरेश यादव की गवाही भी की जा चुकी है।
अब अधिकारियों को बुलाया जाना है। दीपावली के बाद अफसरों की गवाही कराई जानी है।