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एक्सप्रेसवे पर उतर गई बड़े बड़ों की बत्ती

Wed, 23 Nov 2016 11:56 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
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मथुरा सीडीओ आफिस
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पुलिस ने बुधवार को अनधिकृत रूप से नीली और लाल बत्ती लगाकर दौड़ने वाले वाहनों का चालान कर दिया। आगरा के जिलाधिकारी के ऑपरेटर की इनोवा पर नीली बत्ती लगी हुई थी। वित्त मंत्रालय के ज्वाइंट डायरेक्टर की पत्नी भी लाल बत्ती की गाड़ी से घूम रही थीं। एक रिटायर्ड सीएमएस भी नीली बत्ती लगाकर एक्सप्रेसवे पर सफर कर रहे थे।  
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बुधवार को एक्सप्रेसवे पर पुलिस ने लाल और नीली बत्ती लगाकर दौड़ने वाले वाहनों की चेकिंग की। सबसे पहले मांट क्षेत्र में टोल प्लाजा के पास एक नीली बत्ती लगाकर दौड़ रही गाड़ी को रोका गया। इस इनोवा कार को संतोष नाम का युवक चला रहा था।

सीओ मांट संजय कुमार ने जब पूछा तो उसने बताया कि यह कार डीएम आगरा के पीए की है। सीओे ने तत्काल जिलाधिकारी आगरा से बात की। सीओ को डीएम ने बताया कि यह कार उनके आपरेटर श्रीकांत की है। जिलाधिकारी ने गाड़ी का चालान करने को कहा और बत्ती हटाने के लिए कहा। 
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दूसरी गाड़ी वित्त मंत्रालय के ज्वाइंट डायरेक्टर योगेश शर्मा की थी। इस गाड़ी से उनकी पत्नी नीति शर्मा दिल्ली जा रही थीं। उनकी कार पर लाल बत्ती लगी हुई थी। पुलिस ने तत्काल बत्ती को हटा दिया है। वहीं रिटायर्ड सीएमएस कांता प्रसाद भी अपनी गाड़ी पर नीली बत्ती लगाकर एक्सप्रेसवे से जा रहे थे। हाल ही में फीरोजाबाद से रिटायर हुए हैं। उनकी गाड़ी से भी बत्ती उतार ली गई।


इनकी बत्ती पर भला कौन करे आपत्ति
- अवैध रूप से गाड़ी पर बत्ती लगाकर घूम रहे तमाम अफसर
- नीली बत्ती के साथ हूटर का भी खूब हो रहा गलत इस्तेमाल

गाड़ी पर नीली बत्ती। भारत सरकार या प्रदेश सरकार की प्लेट। लंबा चौड़ा पदनाम। तेज आवाज वाला हूटर। कई अधिकारियों की गाड़ी के लिए ये पहचान हो गई है। गाड़ी पर बत्ती लगाने के लिए अधिकृत हैं या नहीं इससे अधिकारी को कोई मतलब नहीं है। मथुरा में तमाम ऐसे अधिकारी हैं जो अवैध रूप से अपनी गाड़ियों पर बत्ती और हूटर का इस्तेमाल कर रहे हैं मगर इनकी बत्ती पर किसी को आपत्ति नहीं है।

प्रदेश में कौन अधिकारी अपनी गाड़ी पर बत्ती लगा सकता है और कौन नहीं इसके लिए परिवहन विभाग की लंबी-चौड़ी नियमावली है। समय-समय पर सर्कुलर भी जारी होते रहते हैं। लेकिन पालन कौन कराए जब खुद अफसर ही नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।

आमतौर पर जो देखने को मिलता है उसमें सिंचाई विभाग, समाज कल्याण, नहर विभाग, खाद्य विभाग, कृषि विभाग, विकास विभाग, प्राधिकरण, अपर आयुक्त, चकबंदी, नगर निगम और नगरपालिका के तमाम अधिकारी बत्ती लगाकर घूमते दिख जाएंगे।

अगर अवैध बत्तियों की भीड़ देखनी है तो कभी उस स्थान पर चले जाइए जहां मंडल स्तरीय और जिला स्तरीय अफसरों की बैठक हो रही हो। एक अधिकारी से जब बात की गई तो उनका कहना था कि अधिकारी अगर गाड़ी पर बत्ती या हूटर न लगाए तो उसे पहचानेगा कौन। कोई तो उसकी अलग पहचान होनी चाहिए। 

निजी गाड़ियों पर भी लगा ली बत्ती
शासनादेश के मुताबिक नीली बत्ती का प्रयोग अधिकारी केवल शासकीय वाहनों पर करेंगे। लेकिन तमाम अफसर ऐसे हैं जिन्होंने अपनी प्राइवेट गाड़ियों पर भी बत्ती लगा रखी है। बुधवार को एक्सप्रेसवे पर चेकिंग में ऐसे ही मामले देखने को मिले।

सीडीओ को भी अनुमति नहीं
मुख्य विकास अधिकारी भी अपनी गाड़ी पर बत्ती या हूटर का प्रयोग नहीं कर सकते हैं। परिवहन विभाग ने जो बत्ती के लिए अधिकृत अफसरों की सूची जारी की है उसमें कहीं सीडीओ का नाम नहीं है। लेकिन सीडीओ फिर भी धड़ल्ले के साथ बत्ती का प्रयोग करते हैं। किसी भी जिले में जाकर देख लीजिए सीडीओ की गाड़ी पर बत्ती मिल ही जाएगी।

केवल इनके लिए अनुमति
अध्यक्ष राजस्व परिषद
औद्योगिक विकास आयुक्त
कृषि उत्पादन आयुक्त
सभी प्रमुख सचिव-सचिव
डीजीपी
सभी आईजी और डीआईजी
कमिश्नर
डीएम
एसएसपी, एसपी जो जिले में तैनात हों
मुख्य चिकित्साधिकारी
एडीएम, सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम, कार्यकारी मजिस्ट्रेट जो जिले में तैनात हों
अपर पुलिस अधीक्षक, सीओ, इंस्पेक्टर, थानाध्यक्ष जो जिले में तैनात हों
प्रवर्तन संबंधी ड्यूटी पर तैनात परिवहन, आबकारी, व्यापार कर विभाग और वन विभाग के अधिकारी।

लगातार होगी चेकिंग: एसपी ट्रैफिक
एसपी ट्रैफिक आशुतोष द्विवेदी का कहना है चेकिंग लगातार होगी। अगर कोई अफसर अवैध रूप से बत्ती या हूटर का प्रयोग कर रहा होगा तो तत्काल हटवाई जाएगी। सभी को नियमावली भी भेजी जाएगी।
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