मथुरा। चामुंडा कॉलोनी मेें 1200 वर्ग गज की जमीन को लेकर शनिवार की दोपहर दो पक्षों में पथराव और फायरिंग हुई थी। एक पक्ष से गणेश पाल निवासी कच्ची सड़क इस जमीन को अपनी बता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ छोटू शर्मा इस जमीन को नगर निगम की बता रहे हैं। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
चामुंडा कॉलोनी की करीब छह हजार वर्ग गज जमीन को नगर निगम की बताया जाता है। इसी जमीन में से 1200 वर्गगज जमीन को लेकर दो पक्षों में लंबे समय से विवाद है। इस मामले में नगर निगम से कई बार शिकायतें भी की गईं। शनिवार को नगर निगम की टीम पैमाइश करने पहुंची तो दोनों पक्ष भिड़ गए। मारपीट और फायरिंग के दौरान नगर निगम की टीम जान बचाकर भागी। इस मामले में पुलिस ने चार लोगों को शांतिभंग में गिरफ्तार किया। बाद में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। एक ओर से कच्ची सड़क निवासी गणेश पाल ने विष्णु चतुर्वेदी, ज्ञानेंद्र उर्फ ज्ञानी चतुर्वेदी, आनंद चतुर्वेदी और आठ-10 अज्ञातों के खिलाफ थाना गोविंदननगर में मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि कर्ज के चलते यह जमीन वह बेच रहे हैं। इस पर चामुंडा मंदिर के विष्णु आदि की नजर है। इसी के चलते जूनियर डिवीजन और डीजे कोर्ट में मुकदमा डाला गया, जोकि खारिज कर दिया गया। यही लोग नगर निगम को गुमराह कर रहे हैं।
उधर, छोटू शर्मा ने सत्यवीर, गणेश, विजय और चार अज्ञातों के खिलाफ थाना गोविंदनगर में मुकदमा दर्ज कराया है। छोटू का कहना है कि उक्त जमीन नगर निगम की है। नगर निगम की टीम पैमाइश करने आई तो इन सभी ने हमला कर दिया है। प्रभारी निरीक्षक एमपी चतुर्वेदी ने बताया कि नगर निगम की टीम बुलाकर पैमाइश कराई जाएगी। जमीन किसकी यह तो नगर निगम या राजस्व विभाग तय करेगा। मुकदमा दर्ज कर लिए गए हैं।
नगर निगम ने क्यों दर्ज नहीं कराया मुकदमा
चामुंडा कॉलोनी में शनिवार को नगर निगम की टीम द्वारा की जा रही जमीन की पैमाइश के दौरान दो पक्षों ने पथराव और फायरिंग की। नगर निगम की टीम को जान बचाकर भागना पड़ा, लेकिन नगर निगम ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं कराया। इसे लेकर चर्चा है। सहायक नगर आयुक्त राजकुमार मित्तल ने बताया कि सोमवार को पुलिस की सुरक्षा के मध्य जमीन की पैमाइश कराई जाएगी।