मथुरा। पुलिस अपनी शक्तियों का दुरुपयोग किस तरह करती है, इसका जीता जाता उदाहरण छाता के गांव बहरावली निवासी ईको गाड़ी चालक के साथ हुई घटना से पता लगता है। चालक ईको को एक शादी में ले गया था। वहां आए दरोगा जी से घर तक छोड़ने की ना कहने पर दरोगा ने न केवल मारपीट की, बल्कि ईको का 6800 रुपये का चालान भी कर दिया।
बहरावली छाता निवासी देवचंद्र ने कुछ दिन पहले ही ईको गाड़ी खरीदी थी। गांव रनवारी में एक होमगार्ड कमल के रिश्तेदार की शादी में उसने गाड़ी बुक कर दी। 26 जून को ईको चालक बरात लेकर आगरा गया। इसमें कमल के रिश्तेदार दरोगा मुनेंद्र भी शामिल हुए। बरात लौट कर सुबह करीब तीन बजे छाता पहुंची। दरोगाजी को कोसीकलां जाना था। उन्होंने चालक देवचंद्र से कोसी तक छोड़ने को कहा तो उसने मना कर दिया।
इससे दरोगा का पारा चढ़ गया और देवचंद्र से मारपीट कर दी और धमकी दी। इससे परेशान देवचंद्र ने गाड़ी न चलाने का निर्णय लेकर गाड़ी बेच दी। एआरटीओ कार्यालय से पता लगा कि उसकी गाड़ी पर 6800 रुपये का चालान है। इतना बड़ा चालान देखकर वह दंग रह गया। उसने शुक्रवार को यातायात कार्यालय से जानकारी की तो सच्चाई सामने आ गई। यह चालान उसी दरोगा ने ही किया था, जिसने मारीपट की।
ईको चालक ने पुलिस अधिकारियों को पूरी जानकारी दी तो उन्होंने दरोगा से भी संपर्क साधा। देवचंद्र ने बताया कि फिलहाल उसका चालान कैंसिल करने का अधिकारियों ने आश्वासन दिया है।