मथुरा। किसान आंदोलन में शामिल होने दिल्ली जा रहे किसानों के पंजाब मेल से मथुरा जंक्शन पर आने की सूचना से पुलिस व जीआरपी सतर्क हो गई। जंक्शन पर भारी पुलिस बल पहुंच गया, लेकिन जब ट्रेन में कोई किसान नहीं मिला तो अधिकारियों के साथ-साथ पुलिस ने राहत की सांस ली।
दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन के चलते पंजाब से हजारों किसान सोमवार को पंजाब मेल से दिल्ली के लिए रवाना हुए। उनके द्वारा रिजर्वेशन कंपार्टमेंट तक को कब्जा लिया गया। किसानों की भारी संख्या में दिल्ली पहुंचने की सूचना पर रेलवे अधिकारियों ने उच्चाधिकारियों के निर्देश पर ट्रेन को बजाय दिल्ली ले जाने के रोहतक के निकट हॉल्ट स्टेशन अस्थल गुहार से डायवर्ट कर दिया और उसे रेवाड़ी अलवर होते हुए मथुरा की ओर मोड़ दिया। इसकी भनक जैसे ही ट्रेन में बैठे किसानों को लगी वह अधिकतर रोहतक पर ही उतर गए, इसके बाद कुछ किसान रेवाड़ी पर भी उतरे। जब ट्रेन दोपहर 12:34 बजे मथुरा पहुंची तो मौजूद पुलिस, जीआरपी तथा आरपीएफ ने ट्रेन को घेर लिया, लेकिन जब उसमें कोई किसान नहीं मिला तो उन्होंने राहत की सांस ली। ट्रेन 12:55 बजे मथुरा जंक्शन से रवाना हुई। ट्रेन में मौजूद यात्रियों का कहना है कि ट्रेन में भारी संख्या में किसान मौजूद थे लेकिन वह रास्ते में ही उतर गए।
एसपी सिटी एमपी सिंह ने बताया कि ट्रेन डायवर्ट होने की सूचना पर हम जंक्शन पहुंचे थे। ट्रेन में कोई किसान नहीं मिला। ट्रेन को सकुशल आगे बढ़ा दिया गया। जीआरपी सीओ हरीश चंद्र ने बताया कि हमें ट्रेन के डायवर्ट होने की सूचना मिली थी, जब ट्रेन मथुरा पहुंची तो उसमें कोई किसान नहीं था। हम पूरी तैयारी से थे। स्टेशन डायरेक्टर रवि प्रकाश ने बताया कि रेल अधिकारियों के निर्देश पर अस्थल हॉल्ट स्टेशन से ट्रेन को डायवर्ट किया गया था।