मथुरा। छेड़छाड़ और मारपीट के आरोप में फंसे भागवताचार्य देवकीनंदन ठाकुर और उनके दो भाइयों को पुलिस ने क्लीन चिट दे दी है। पुलिस ने मारपीट और एससी-एसटी एक्ट का आरोप केवल तीन अन्य आरोपियों पर तय किए हैं। छेड़छाड़ न मानते हुए हाईवे पुलिस ने आठ दिन में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है।
थाना हाईवे की राधावैली कॉलोनी निवासी पुष्पेंद्र कुमार आर्य (पीके) ने 27 फरवरी को घर में घुसकर मारपीट, छेड़छाड़ और एससी-एसटी एक्ट के तहत भागवताचार्य देवकीनंदन ठाकुर, उनके भाई विजय शर्मा, श्यामसुंदर शर्मा, कर्मचारी गजेंद्र, धर्मेंद्र, अमित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। वहीं, एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज मुकदमे के मामले में सीओ रिफाइनरी वरुण कुमार ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो भागवताचार्य और उनके दोनों भाई की मौजूदगी नहीं पाई गई। सीओ रिफाइनरी ने तीनों को क्लीन चिट दे दी है। इसके अलावा गजेंद्र, अमित और धर्मेंद्र पर आरोप तय किए गए। इन तीनों पर छेड़छाड़ का मामला नहीं पाया गया है। सीओ रिफाइनरी ने चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी है। उन्होंने बताया कि देवकीनंदन ठाकुर और उनके दो भाइयों पर मामला झूठा पाया गया है।