मथुरा। संत प्रेमानंद के 25 वर्षीय शिष्य दीपक लोधी उर्फ दुलारी शरण की आत्महत्या से पर्दा उठाने में जुटी पुलिस आश्रम तक नहीं पहुंच पा रही है। एक चैनल के स्टिंग ऑपरेशन में एक पुलिसकर्मी कहता हुआ नजर आ रहा है कि आश्रम में पुलिस का जाना प्रतिबंधित है। उसका यह भी कहना है संत प्रेमानंद को भी कुछ शिष्यों ने कब्जे में कर रखा है।
25 सितंबर को गऊ कृपा कुंज आश्रम की चाैथी मंजिल से दीपक लोधी ने छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उसका प्राइवेट पार्ट कटा होने और परिजन की तहरीर पर पुलिस ने जांच शुरू की। माैत के 11वें दिन बाद भी पुलिस आत्महत्या के पीछे के राजदार को सामने नहीं ला पा रही है। इसका सबसे बड़ा कारण पुलिस को आश्रम में जाने से रोका जा रहा है। इस बात का खुलासा एक टीवी चैनल के स्टिंग ऑपरेशन में हुआ। यहां एक पुलिसकर्मी ने आश्रम में पुलिस के प्रवेश नहीं होने की बात कही। इसके अलावा उसका कहना है कि संत को भी शिष्यों ने कब्जे में कर रखा है।
इस संबंध में एसएसपी श्लोक कुमार का कहना है कि पुलिस ने गऊ कृपा कुंज आश्रम से सीसीटीवी फुटेज हासिल की है। वहां जाकर लोगों से पूछताछ की जा रही है। संत प्रेमानंद किसी के कब्जे में नहीं हैं, उनका स्वास्थ्य खराब रहता है। इसलिए वह किसी से नहीं मिल रहे हैं।