राधारानी की प्राक्ट्यस्थली रावल गांव में जमकर उड़ा गुलाल
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तीर्थनगरी मथुरा में इन दिनों होली की धूम है। महावन तहसील स्थित श्री राधारानी की प्राकट्य स्थली रावल धाम में मंगलवार को श्रद्धालुओं ने जमकर होली खेली। होली खेलने के लिए आसपास के कई प्रदेशों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। इस मौके पर पूरा क्षेत्र राधारानी के जयकारों से गूंज उठा।
ब्रज की होली देखने के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु मथुरा, वृंदावन, बरसाना, नंदगांव और गोकुल सहित प्रमुख तीर्थस्थलों पर आ रहे हैं। श्री राधारानी की प्राकट्य स्थली रावल में भी होली धूमधाम से मनाई जाती है। मंगलवार को रावल गांव की महिलाएं विभिन्न प्रकार के परिधानों में सज धजकर हाथ में लट्ठ लेकर मंदिर प्रांगण में होली खेलने पहुंची।
राधारानी की पूजा करते गोस्वामी
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इस मौके पर हुरियारिनों द्वारा हुरियारों पर लट्ठ बरसाए गए। रसिया गीतों का गायन किया गया। रंग-बिरंगे कपड़ों में गुजरिया लाठियां बरसाती दिखीं। इस अवसर का साक्षी बनने के लिए राजस्थान, गुजरात, पंजाब, हरियाणा व उत्तर प्रदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
हुरियारिनों ने हुरियारों पर बरसाए लट्ठ
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क्षेत्र के नगला पोला, गोपी की नगरिया, नगला देवकरन, घड़ी हयातपुर, नगला रत्ती सिहोरा, नगला पापरी आदि गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। महिला-पुरुषों ने रंग, गुलाल के साथ फूलों से होली खेली। रसिका पागल बाबा के शिष्य बाबा मोहिनी शरण जी महाराज वृंदावन द्वारा रसिया भजनों का गायन किया गया।
रसिया गीतों पर नृत्य करते भक्त
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इस मौके पर रसिया गीतों 'होली खेलन आए बांके बिहारी... सुन सुन सुन मेरी रावल वारी... होली खेले तो रावल धाम आइजा रसिया... तोमि मारुंगो पिचकरा तान गोरी होली में... धन्य धन्य रावल धाम जहां प्रगटी श्यामा अविराम...' का गायन किया गया। होली के रंग से पूरा पंडाल सतरंगी रंग में रंग गया। राधारानी के जयकारों से आकाश गुंजायमान हो उठा।