मथुरा। मनरेगा में मिलने वाली धांधली की शिकायतों को देखते हुए शासन ने इसकी निगरानी शुरू कर दी है। इसके लिए हर दिन रोजगार सेवक काम करने वाले मजदूरों की फोटो खींच कर एप पर अपलोड करेंगे। इससे काम करने वाले मजदूरों पर अधिकारियों की नजर रहेगी। बिना काम किए कोई मजदूर या मजदूर के नाम पर अन्य व्यक्ति के पैसे लेने वाले गोरखधंधे पर लगाम लगेगी।
मनरेगा योजना में सरकार की ओर से स्थानीय लोगोें को रोजगार देने के उद्देश्य से गांव के विकास के लिए कुछ कच्चे व पक्के कामों को ग्रामीणों से ही कराया जाता है। इन कामों की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान एवं ग्राम सचिवों की होती है। इसे लेकर बहुतायत मेें मजदूरों की संख्या, काम की नाप व क्वालिटी को लेकर शिकायतेें रहती हैं। मनरेगा में इन मजदूरों के नाम पर बड़े घोटाले भी हुए हैं। इन सबको दूर करने के उद्देश्य से शासन ने एक एप तैयार किया है। इस एप से सभी अधिकारियों को जोड़ा गया है।
इसमें सबसे अहम जिम्मेदारी रोजगार सेवक को दी गई है। वह प्रतिदिन जहां भी मनरेगा का काम हो रहा है, वहां जाएगा और काम कर रहे मजदूरों की फोटो खींचकर एप पर अपलोड करेगा। ताकि संबंधित अधिकारी उस फोटो के आधार पर यह तय कर सकें कि कितने मजदूरों ने काम किया है। एक जून से रोजगार सेवक इस काम में जुटे हुए हैं।
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२० से कम मजदूरों की फोटो नहीं
शासन का निर्देश है कि रोजगार सेवक २० से अधिक मजदूरों के काम की ही फोटो एप पर अपलोड करें। इससे कम मजदूर होने पर फोटो नहीं भेजी जाएगी।
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इस प्रकार से काम करने से मनरेगा में मिल रही शिकायतों को कम किया जा रहा है। फोटो खींचकर भेजने की जिम्मेदारी रोजगार सेवकाें दी दी गई है, जिसकी फोटो होगी, उसी का भुगतान होगा।
-बलराम कुमार, परियोजना निदेशक