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Mathura News: फर्जी दस्तावेज बनाने वाले गैंग का सरगना 4 साथियों के साथ गिरफ्तार

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मथुरा। फर्जी मार्कशीट, टीसी व अन्य शैक्षिक प्रमाण पत्र बनाने वाले गिरोह के सदस्य। - फोटो : mathura
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मथुरा। विभिन्न राज्यों के शैक्षणिक बोर्ड की मार्कशीट, टीसी, विवाह प्रमाण पत्र समेत सभी प्रकार के फर्जी दस्तावेज बनाने वाले गिरोह के सरगना को 4 सदस्यों के साथ कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जबकि एक साथी भागने में सफल रहा। सभी के कब्जे से विभिन्न विश्वविद्यालयों की मार्कशीट, प्रिंटर और फर्जी दस्तावेज बनाने में प्रयुक्त होने वाला सामान बरामद किया है।
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एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि कोतवाली प्रभारी निरीक्षक वेदपाल पुंडीर को मंगलवार की रात सूचना मिली कि फर्जी दस्तावेज बनाने वाले गिरोह का एक सदस्य गोवर्धन चौराहे पर किसी ग्राहक की तलाश में खड़ा है। कोतवाली पुलिस वहां से एक संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी में उसके कब्जे से 2 फर्जी मार्कशीट, मोबाइल फोन बरामद हुआ। पूछताछ में उसने अपना नाम फरह थाना क्षेत्र के गांव चुरमुरा निवासी मुकेश बताया।

पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो उसने बताया कि हमारा एक फर्जी मार्कशीट बनाने का गिरोह है। बजरंग धर्मकांटा के पास एक निजी मकान किराये पर ले रखा है। यहां मार्कशीट बनाने का सेटअप लगा है। अभियुक्त की निशानदेही पर पुलिस पहुंची। यहां से गैंग के मुखिया लखनऊ के थाना हुसैनगंज स्थित पुराना किला निवासी मनीष प्रताप सिंह उर्फ मांगेराम, शेरगढ़ के गांव बसई निवासी सुरेश चंद, दलौता निवासी ऋषि, गोविंद नगर की पुष्प बिहार काॅलोनी निवासी रामप्रकाश को गिरफ्तार कर लिया। भागे साथी का नाम शेरगढ़ के बसई निवासी विक्रम सिंह बताया।
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एसएसपी ने बताया कि जब कोई सरकारी नौकरी की भर्ती निकलती है तो गैंग एकदम सक्रिय हो जाता है। युवाओं से 5 से 45 हजार रुपये की मोटी धनराशि वसूल कर उन्हें सभी फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र दे देते हैं। जांच में जब दस्तावेज फर्जी निकलते हैं तो नौकरी के लिए आवेदन करने वाले के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होती है, लेकिन गैंग तब तक अपना ठिकाना दूसरे स्थान पर बना लेता है। उन्होंने बताया कि आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई होगी। इसके अलावा गैंग को पंजीकृत कर सभी की हिस्ट्रीशीट खोली जाएगी। गैंग के सहयोग करने में कुछ विश्वविद्यालय और बोर्ड के अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल हैं। इसकी जांच की जा रही है।













2006 में रिफाइनरी पुलिस ने किया था गिरफ्तार
सीओ भूषण वर्मा ने बताया कि मनीष प्रताप सिंह को रिफाइनरी पुलिस ने 2006 में कदंब बिहार कॉलोनी से गिरफ्तार किया था। अभियुक्त ने वृंदावन गुरुकुल के फर्जी दस्तावेज बनाकर उसकी जमीन को बेचने का प्रयास किया था। इस दौरान भी उसके पास से भारी मात्रा में फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र आदि मिले थे। काफी समय जेल में रहने के बाद जमानत पर छूटा और गायब हो गया। इसके बाद 2022 में सक्रिय हुआ। मनीष के ऊपर विभिन्न थानों के 10 मुकदमे दर्ज हैं। फरह के गांव चुरमुरा निवासी मुकेश के ऊपर 5, गोविंद नगर की पुष्प विहार कॉलोनी निवासी रामप्रकाश गौतम पर दो, शेरगढ़ के दलौता निवासी ऋषि पर दो मुकदमे दर्ज हैं।





हाईकोर्ट की सतर्कता के चलते हुआ था लखनऊ में गैंग का खुलासा
थाना प्रभारी निरीक्षक वेदपाल पुंडीर ने बताया कि लखनऊ में गैंग का अच्छा-खासा कारोबार चल रहा था। गैंग के सदस्य भागकर घर से भागे प्रेमी जोड़ों को सुरक्षा दिलाने का भरोसा दिलाकर उनसे 15 से 20 हजार रुपये की धनराशि वसूलते थे। इसके बाद उनका फर्जी विवाह प्रमाण पत्र बनाकर हाईकोर्ट में सुरक्षा के लिए दाखिल करा देते। हाईकोर्ट में ऐसे ही एक प्रेमी जोड़े ने सुरक्षा के लिए याचिका दायर की। जब प्रमाण पत्र की जांच कराई तो वह नकली निकला। इस पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया और पुलिस को मामले की जांच के आदेश दिए। जांच में पता चला कि प्रयागराज में 22 हजार तथा गाजियाबाद में 15 हजार विवाह प्रमाण पत्र फर्जी निकले। फर्जी प्रमाण पत्र कोर्ट में दाखिल करने के आरोप में दो लोग जेल भी जा चुके हैं।




राजा महेंद्र प्रताप सिंह का दत्तक पुत्र होने का बनाया प्रमाण पत्र
वृंदावन स्थित गुरुकुल की संपत्ति को बेचने के लिए मनीष प्रताप सिंह ने स्वयं को राजा महेंद्र प्रताप सिंह का दत्तक पुत्र होने का प्रमाण पत्र बना लिया। 2006 में इसी प्रमाण पत्र के आधार पर उसने गुरुकुल की संपत्ति को बेचने का प्रयास किया था। गुरुकुल के पदाधिकारियों ने इसकी शिकायत पुलिस अधिकारियों से की तो कदंब बिहार स्थित घर पर छापा मारा। इस दौरान उसकी दो पत्नी होने की बात उजागर हुई। इसके अलावा 11 फरवरी 2022 को अमीनाबाद पुलिस ने मनीष, गौतम बुद्ध निवासी कृष्ण ठाकुर, सत्येंद्र और कासगंज निवासी राजकुमार को गिरफ्तार किया तो हीवेट स्थित मकान से एक बंधक बनाई गई युवती को भी मुक्त कराया था। युवती ने पुलिस को बताया कि मध्य प्रदेश की रहने वाली है। 2016 में वह 15 साल की थी। तब उसके माता पिता को पढ़ाई कराने की बात कहकर उसे ले आया और उसका शारीरिक शोषण किया।
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