प्रदेश भर में वर्षों से सीजनल अमीन के रूप में काम करने वाले अमीनों को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने नियमितीकरण का तोहफा दिया था। घोषणा के साथ ही अक्तूबर 2015 में इसका शासनादेश जिलाधिकारियों के लिए जारी कर दिया गया, लेकिन अब तक मथुरा जिले में मुख्यमंत्री का यह तोहफा अमीनों को नहीं मिला है।
अभी तक अमीनों के सिर्फ 15 प्रतिशत रिक्त पदों पर ही सीजनल अमीनों के नियमितीकरण का प्रावधान था। लंबे समय से अमीनों के पदों पर सामान्य नियुक्ति प्रक्रिया न अपनाए जाने के कारण प्रदेश में रिक्त पदों की संख्या बहुतायत में हो गई। इस पर उत्तर प्रदेश राजस्व समियिक संग्रह अमीन संघ की पहल पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रिक्त पदों के सापेक्ष 85 प्रतिशत पदों पर सीजनल अमीनों को नियमित करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री की घोषणा का लाभ प्रदेश भर के सीजनल अमीनों को तत्काल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अक्टूबर माह में इस आशय का शासनादेश भी जारी कर दिया गया। लेकिन, तीन माह बीतने के बाद भी जिले में इस पर अमल नहीं हो रहा है। आगरा मंडल में एटा और फीरोजाबाद जिले के डीएम ने चयन बोर्ड का गठन करने के साथ विनियमितीकरण के आदेश भी जारी कर दिए हैं।
दोनों ही जिले में लाभार्थियों को विनियमितीकरण के आदेश भी मिल गए हैं। यह देखकर मथुरा जिले के सीजनल संग्रह अमीनों ने दो बार एडीएम वित्त से मुलाकात की। 10 जनवरी को मुख्यमंत्री के आदेश के संदर्भ में एडीएम वित्त को डीएम के लिए ज्ञापन देते हुए प्रतिनिधि मंडल ने नियमितीकरण की मांग की है।
एक सप्ताह गुजरने के बाद भी कोई अमल न होने पर सीजनल अमीनों बुधवार को डीएम से मुलाकात की। उन्होंने नियमितीकरण के संदर्भ में जारी शासनादेश की प्रति देते हुए उस पर अमल कराने की मांग की है। मुलाकात करने वालों में छेदालाल यादव, महावीर प्रसाद, सतीश कुमार शर्मा, अशोक गौड़, राहुल यादव, तुलाराम आदि शामिल रहे।