मथुरा। बारिश के बाद बढ़ी उमस के बीच शनिवार रात से शुरू हुई बिजली की आंख-मिचौली ने शहरवासियों का चैन छीन लिया। रविवार को भी दिनभर रुक-रुक कर बिजली कटौती होती रही। लगातार बाधित आपूर्ति के कारण लोगों को भीषण उमस में पसीना बहाना पड़ा। घरों में पंखे, कूलर और एसी बंद होने से छोटे बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
शहर के होलीगेट, विकास बाजार, विश्रामघाट, स्वामी घाट, सतघड़ा, औरंगाबाद, दामोदरपुरा, चंदनवन, मोतीकुंज, नबादा, जयगुरुदेव, एटीवी कॉलोनी, कदंब विहार, रांची बांगर, टाउनशिप, नरसी पुरम, इंदुपुरम आदि इलाकों में बार-बार बिजली ट्रिप होने और लंबे समय तक आपूर्ति बाधित रहने से लोगों की दिनचर्या प्रभावित रही। घरेलू कार्यों के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों पर भी इसका असर पड़ा। दुकानदारों का कहना है कि बिजली की अनियमित आपूर्ति के कारण इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के खराब होने का भी खतरा बना रहा, जबकि ग्राहकों को भी गर्मी के कारण परेशानी झेलनी पड़ी।
रविवार को छुट्टी होने के कारण अधिकांश लोग घरों में थे, लेकिन लगातार बिजली आने-जाने से उन्हें राहत नहीं मिल सकी। इनवर्टर भी बार-बार डिस्चार्ज हो गए, जिससे कई परिवारों को घंटों बिना बिजली के रहना पड़ा। पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई, क्योंकि बिजली नहीं होने से कई स्थानों पर मोटर नहीं चल सकीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में बिजली व्यवस्था और अधिक खराब हो जाती है। हल्की बारिश या फॉल्ट होने पर घंटों आपूर्ति बाधित रहती है, जबकि उमस के मौसम में बिजली की सबसे अधिक आवश्यकता होती है। उपभोक्ताओं ने बिजली विभाग से फॉल्टों का शीघ्र निस्तारण कर निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि लोगों को गर्मी और उमस के बीच राहत मिल सके।