स्वीकार नहीं किया जाएगा ये कृत्य
श्रीहित राधा केलिकुंज परिकर ने कहा कि यह कार्य गुरुजी की वाणी की गरिमा और धार्मिक मर्यादाओं के खिलाफ है और इसे किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने अपील की है कि कोई भी व्यक्ति एआई का उपयोग करके ऐसी वीडियो या संदेश न बनाए न ही उनका समर्थन करे और न ही इन वीडियो को कहीं शेयर करें।
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इसलिए जारी की गई चेतावनी
बता दें पिछले कुछ दिनों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी (एआई) का प्रयोग तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में कुछ लोग संत प्रेमानंद महाराज के वीडियो से भी छेड़खानी कर रहे हैं। उनके वीडियो को दूसरी भाषाओं में परिवर्तित किया जा रहा है। इसी को लेकर आश्रम की ओर से ये चेतावनी जारी की गई है।
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