अम्बर अग्निहोत्री
मथुरा। मौसम बदलने के साथ लोग स्वास्थ्य के प्रति सचेत होने लगे हैं। अब वह शीतल पेय के नाम पर कुछ भी पी लें यह उन्हें पसंद नहीं है।
वह स्वास्थ्यवर्धक पेय पदार्थ ही पीना चाहते हैं। यहीं कारण है कि जिले में रोजाना ब्रजवासी 80 टन मौसमी का जूस पी रहे हैं। कृषि उत्पादन मंडी में आंध्र प्रदेश से दो दिन में 8 ट्रकों से 160 टन माल आया है। फल मंडी के थोक व्यापारियों ने बताया कि मंडी में फलों के 12 से 15 व्यापारी हैं। जो प्रतिदिन मौसमी के साथ अन्य फलों का व्यापार करते हैं।
उन्होंने बताया कि आंध्र प्रदेश से हर दो दिन में 160 टन मौसमी मंडी में आ रही है। जिसे फुटकर विक्रेता दुकानदार यहां से खरीदकर ले जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस समय मौसमी सस्ती भी हैं। थोक फल व्यापारी अमर भारत ने बताया कि 30 किलो की बोरी 980 रुपये की थोक में है।
गर्मी में मांग बढ़ने से आढ़तियों ने भी अधिक मौसमी मंगानी शुरू कर दी हैं। थोक व्यापारी सुनील चौधरी ने बताया कि ब्रज की नगरी में तीर्थ यात्रियों की संख्या भी बढ़ गई है। वह भी गर्मी में राहत के लिए जूस पी रहे हैं इसके चलते मांग बढ़ गई है। पहले यही मौसमी प्रतिदिन 55 टन ही बिक रही थी। संवाद
फलों के रस की बढ़ जाती है मांग
शहर के गोवर्धन चौराहे पर जूस की दुकान लगाने वाले आशुतोष कुमार ने बताया कि गर्मी के सीजन में लोग अपनी प्यास बुझाने के लिए मौसमी, अनानास, मैंगो मिल्कशेक, अनार जैसे जूस ज्यादा पीते हैं। उन्होंने कहा कि इस समय 35 रुपये से लेकर 50 रुपये तक मौसमी जूस के गिलास की कीमत है।
बाहर से आने वाले तीर्थ यात्रियों की भी संख्या शामिल
मंडी में फल के थोक व्यापारियों का कहना हैं कि मौसमी के जूस की मांग बढ़ी है। उन्होंने कहा कि गर्मी में तीर्थ नगरी में आ रहे श्रद्धालु भी गर्मी से राहत के लिए मौसंबी का जूस पी रहे हैं। यहां पर बड़ी संख्या में प्रतिदिन दर्शन करने के लिए लोग आते हैं।