मथुरा। जिले के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूती देने की दिशा में जिला अस्पताल में बड़ी पहल की है। अस्पताल परिसर में 17 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से अत्याधुनिक क्रिटिकल वार्ड का निर्माण तेजी से चल रहा है। 2026 में नए वार्ड के बन जाने के बाद गंभीर रोगियों के इलाज की संख्या में बढ़ोतरी होगी। वहीं मरीजों को भर्ती कराने में होने वाली लंबे समय से चली आ रही समस्या भी काफी हद तक समाप्त हो जाएंगी।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. नीरज अग्रवाल ने बताया कि 50 बेड के क्रिटिकल वार्ड को आधुनिक चिकित्सा आवश्यकताओं के अनुसार डिजाइन किया जा रहा है। निर्माणाधीन वार्ड में हाई-टेक मॉनिटरिंग सिस्टम, विशेष आईसीयू बेड, इमरजेंसी लाइफ सपोर्ट इक्विपमेंट, वेंटिलेशन यूनिट, महिला मरीजों के लिए अलग सेक्शन तथा गंभीर और असहाय मरीजों के लिए विशेष व्यवस्था शामिल होंगी। वार्ड में प्रवेश से लेकर उपचार तक प्रत्येक चरण को मरीज-केंद्रित रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
जिला अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। विशेष रूप से गंभीर मरीजों को बेड उपलब्ध न होने की समस्या समय-समय पर सामने आती है। ऐसे में यह क्रिटिकल वार्ड अस्पताल में भर्ती क्षमता को काफी बढ़ाएगा और आपातकालीन स्थितियों में तुरंत उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा। साथ ही इससे जिला स्तर पर मरीजों को अन्य अस्पताल में रेफर करने के मामलों में भी कमी आएगी और मरीजों को दूसरे शहरों के अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
महिला मरीजों के लिए अलग सुविधा तैयार की जा रही है। इससे उन्हें उपचार के दौरान गोपनीयता, सुरक्षा और सहजता मिल सके। असहाय, वृद्ध और गंभीर मरीजों के लिए विशेष सहायता डेस्क और निरंतर निगरानी की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। अस्पताल के मेडिकल स्टाफ व डॉक्टर्स को आधुनिक उपकरणों के संचालन का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा ताकि वार्ड के शुरू होते ही मरीजों को निर्बाध सेवाएं मिल सकें। नए क्रिटिकल वार्ड के निर्माण पूरा होने के बाद जिले की चिकित्सा व्यवस्था में एक नई ऊर्जा और क्षमता का संचार होगा।
उम्मीद
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर हार्ट के मरीजों के लिए महंगे इंजेक्शन को लगाने की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर अल्ट्रासाउंड व आईपीएचएल लैब की सुविधा उपलबध कराई जाएगी।
होम्योपैथिक अस्पतालों में चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टॉफ की तैनाती की जाएगी।
2025 में यह जिला अस्पताल में हुई व्यवस्थाएं
- जिला अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था में लगे पूर्व सैनिक
- हार्टअटैक आने पर मरीज को 40 हजार का इंजेक्शन की सुविधा
- हार्ट अटैक की मरीजों के लिए ईसीजी जांच की सुविधा
- जिला अस्पताल की छत पर 75 किलोवाट का सोलर प्लांट
- आईपीएचएल लैब में 60 जांच की संख्या बढ़कर हुई 85
- सीएमओ कार्यालय में कुल 7 नए कनिष्ठ सहायक ने जॉइन किया
- छाता में 50 सैया उक्त नए चिकित्सालय की बिल्डिंग तैयार की गई
- वृंदावन में ड्रग वेयर हाऊस की स्थापना की गई
क्रिटिकल वार्ड बनने से मरीजों को सहूलियत होगी। चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ को भी राहत मिलेगी। वर्तमान में मरीजों को भर्ती करने में सबसे अधिक समस्या का सामना चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ को करना पड़ता है। 50 बेड के वार्ड की पांच मंजिला इमारत 2026 में बनकर तैयार हो जाएगी। अस्पताल प्रशासन के अधीन आने के बाद इसका संचालन किया जाएगा।
नीरज अग्रवाल, सीएमएस जिला अस्पताल
जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। 2025 में कई गरीबों के उपचार के लिए कई योजना शुरू हुई। 2026 में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ह्रदय रोगियों के लिए इंजेक्शन और ईसीजी जांच की व्यवस्था होगी। इसके अलावा स्वास्थ्य केंद्रों में आईपीएचएल लैब में मरीजों की जांच होगी।
डॉ. राधावल्लभ, सीएमओ मथुरा