वृंदावन में ई-बसों के मनमाने संचालन से मथुरा जाने वाले यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। आरोप है कि मथुरा रूट की बसों को गोवर्धन और बरसाना भेजे जाने से लोगों को डग्गेमार वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है।
वृंदावन नगर विकास विभाग द्वारा संचालित ई बस का मनमाने तरीके से हो रहां संचालन यात्रियों के लिए परेशानी का बड़ा कारण बन गया है। सुपरवाइजर द्वारा मथुरा रूट के लिए निर्धारित बसों को गोवर्धन और बरसाना रूट पर चलाने पर रविवार को घंटों मथुरा के यात्रियों का इंतजार करना पड़ा। बसों के निर्धारित समय पर उनके रूट पर न चलने को लेकर स्थानीय लोगों ने भी नाराजगी जाहिर की है। वह जल्द ही इस संबंध में शासन से शिकायत कर समस्या के निदान की मांग करेंगे।
नगर विकास विभाग द्वारा 50 सिटी बसों का संचालन मथुरा-वृंदावन और आसपास के क्षेत्र के यात्रियों के लिए किया गया था। समय पर उनका रखरखाव न होने के कारण 17 ई बस खराब होने के कारण 33 बसों का संचालन किया जा रहा है। इनमें भी वृंदावन और मथुरा के बीच दस और उससे अधिक ई बसों का संचालन शुरुआती समय में किया जाता था, लेकिन अब मात्र 7 ई बस श्रीकृष्ण जन्मभूमि तक एवं दो बस रेलवे स्टेशन तक संचालित करने के लिए निर्धारित की गई है, जबकि वृंदावन बस स्टेशन पर तैनात सुपरवाइजर द्वारा मथुरा को जाने वाली बसों को लंबे रूट पर गोवर्धन और बरसाना के लिए चलाया जा रहा है। इससे मथुरा जाने वाले यात्रियों को गर्मी में घंटों बस का इंतजार करने के बाद डग्गेमार वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासी अधिवक्ता केपी सिंह ने बताया कि शुरुआत में परिवहन निगम को ई बसों के संचालन की जिम्मेदारी दी गई थी। जब बसों का संचालन समय पर उनके निर्धारित रूट पर होता था, लेकिन न ही इनके पास पर्याप्त कर्मचारी हैं और न ही बसों का संचालन निर्धारित रूट पर किया जा रहा है। यात्रियों को होने वाली इस समस्या को लेकर जल्द ही वह शासन से सुधार की मांग करेंगे। ई बसों के एआरएम राधा कृष्ण ने बताया कि बसों का संचालन यात्रियों की संख्या के आधार पर किया जाता है। जहां के भी यात्री अधिक होते हैं, उसी रूट पर बसों को भेजा जाता है। बस स्टेशन पर दो शिफ्ट में कर्मचारी तैनात किए जाएंगे।