वृंदावन। परमवीर चक्र से सम्मानित ग्रेनेडियर योगेंद्र सिंह यादव संत प्रेमानंद महाराज से मिलने वृंदावन स्थित उनके आश्रम पहुंचे। उन्होंने महाराज से कहा कि महाराज भक्ति में कितनी शक्ति होती है यह उन्होंने खुद देखा और महसूस किया है।
उन्होंने वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध के अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि किस तरह भारतीय जवानों ने टाइगर हिल पर विजय प्राप्त कर पाकिस्तान को धूल चटा दी थी। उनकी बटालियन के 2 अफसर, 2 जेसीओ और 22 जवान शहीद हुए लेकिन उनकी वीरता के चलते भारतीय तिरंगा टाइगर हिल पर लहराया। उनके भी 15 गोली लगी थीं। उन्होंने खुद को भगवान को समर्पित कर दिया था, लेकिन वह जब से आपसे जुड़े हैं तब से आप ही भगवान लगते हैं। उन्होंने कहा कि उनके बेटे का कोयंबटूर में एक गंभीर सड़क हादसा हो गया था। डॉक्टरों ने उसकी हालत नाजुक बताई और उम्मीद छोड़ दी थी। लेकिन उन्होंने अपना संपूर्ण विश्वास संत प्रेमानंद महाराज पर था। प्रार्थना की कि अब सब कुछ उनके हाथ में है। उन्होंने भावुक होकर कहा जब भी मैं अस्पताल गया तो मुझे एक पल के लिए ऐसा महसूस हुआ कि महाराज स्वयं ऑपरेशन थिएटर में खड़े हैं और मेरे बेटे का उपचार कर रहे हैं। डॉक्टरों से कहा कि अब बेटे को कुछ नहीं होगा। संवाद