मथुरा। माता-पिता की आपसी कलह का दंश मासूम बच्चों को किस कदर झेलना पड़ता है, इसकी एक हृदयविदारक घटना गोवर्धन क्षेत्र में सामने आई। जिस पिता की उंगली पकड़कर बच्चे सुरक्षित भविष्य की उम्मीद में स्कूल के लिए निकले थे, वही पिता उन्हें बीच सड़क पर बेसहारा छोड़कर चले गए। बाद में पुलिस ने देर शाम तक प्रयास कर बच्चों को फिर से पिता का साथ दिलवा दिया।
गोवर्धन क्षेत्र के एक गांव निवासी 10वीं कक्षा का छात्र और उसकी 9वीं कक्षा में पढ़ने वाली छोटी बहन पिछले कुछ समय से पारिवारिक कलह से जूझ रहे हैं। कुछ समय पूर्व माता-पिता के बीच विवाद हुआ था, जिसके बाद मां बच्चों को छोड़कर चाचा के साथ रहने चली गई। इसके बाद पिता बच्चों को लेकर पड़ोसी गांव में किराये के मकान में रह रहे थे। बृहस्पतिवार की सुबह पिता ने बच्चों को हमेशा की तरह स्कूल जाने के लिए तैयार किया और बाइक पर बैठाकर निकल पड़े। बच्चों को लगा कि वे स्कूल जा रहे हैं, लेकिन रास्ते में पिता ने अचानक बाइक रोक दी। उन्होंने मासूमों को सड़क किनारे उतारा और वहां से अकेले चले गए। काफी देर तक बहन-भाई पिता का इंतजार करते रहे, लेकिन जब वह वापस नहीं लौटे तो बच्चों का दिल घबराने लगा। पिता के साथ किसी अनहोनी का डर और अपनी बेबसी से घबराए दोनों मासूम रोते-बिलखते पैदल ही एसएसपी कार्यालय की ओर निकल पड़े।
मासूमों की यह आपबीती सुनकर पुलिस अधिकारियों और वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। बच्चों की आंखों में खौफ और बेबसी साफ दिख रही थी। पुलिसकर्मियों ने तुरंत संवेदनशीलता दिखाते हुए बच्चों को संभाला, बैठाकर चिप्स व कोल्ड ड्रिंक दी और उन्हें सिविल लाइन चौकी ले गए। अधिकारियों ने पिता के मोबाइल पर लगातार संपर्क करने का प्रयास किया। कई बार फोन न उठाने के बाद शाम को पिता से संपर्क हो सका। एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि पिता को कार्यालय बुलाकर बच्चों को सुरक्षित उनके सुपुर्द कर दिया गया है तथा परिवार की समस्या के स्थायी समाधान का आश्वासन दिया गया है।