राष्ट्रीय राजमार्ग मंडी समिति के पास बन रहा फ्लाईओवर पर काम करते मजदूर
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मथुरा। दिल्ली-आगरा हाईवे के मंडी समिति चौराहे पर ओवरब्रिज का निर्माण 18 महीने बाद भी पूरा नहीं हो सका है। दिनभर उड़ती धूल और सड़क के गड्ढों से लोग परेशान हैं। वाहनों के मिट्टी में फंसने से आएदिन हादसे हो रहे हैं। डेढ़ साल से राहगीर और व्यापारी परेशान हैं। वाहनों का लोड सर्विस रोड पर है। उद्योग बंधु की बैठकों में भी यह मामला उठा, लेकिन ओवरब्रिज के निर्माण की गति तेज नहीं हुई। बृहस्पतिवार को भी कई वाहन चालक परेशान देखे गए। व्यापारी अब इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने की योजना बना रहे हैं।
मथुरा की मंडी समिति उत्तर भारत की बड़ी मंडियों में शुमार है। मंडी समिति के चौराहे पर वाहनों का हमेशा लोड रहा है। 2017 में इस चौराहे पर जाम की समस्या को देखते हुए प्रशासन ने हाईवे के मंडी कट को बंद कर दिया। महोली रोड और गोवर्धन चौराहे पर कट खोल दिए। इससे मंडी के व्यापारियों को समस्या हुई। इस मामले को लेकर नगर उद्योग व्यापार मंडल ने प्रशासन और शासन स्तर पर मंडी कट खोलने की मांग शुरू की। बाद में मंडी चौराहा कट संघर्ष समिति का गठन कर आंदोलन शुरू किया गया। 31 मई 2019 को बाजार बंद रखा गया। धरना-प्रदर्शन हुए। अंत में मंडी चौराहे पर ओवरब्रिज के निर्माण को मंजूरी दी गई। जुलाई 2019 से ओवरब्रिज का निर्माण किया जा रहा है, जिससे मंडी समिति का कार्य प्रभावित है। व्यापारी चाहते हैं कि शीघ्र निर्माण हो जिससे कारोबार प्रभावित न हो। दूसरी ओर यहां दिनभर धूल उड़ती है। वाहन भी रेंग-रेंग कर गुजरते हैं।