मथुरा। जिला कारागार में बंदियों व उनके परिजन से बात कराने के लिए टेलीफोन बूथ लगाना शुरू हो गया है। यह टेलीफोन बूथ बंदियों के लिए लगाए जा रहे हैं, जिनसे वह परिजन से बात कर सकेंगे। कोरोना काल में मिलाई खत्म होने के बाद बंदियों और उनके परिजन के बीच दूरी खत्म करने के लिए जेल अधिकारियों ने यह कदम उठाया है।
करीब आठ माह से बंदियों की परिजन से मुलाकात बंद है। इस कारण वह तनाव मेें हैं। इसलिए जेल में प्रत्येक अहाते में दो बूथ लगाये जा रहे हैं। जेल में करीब 16 अहाते हैं। महिला बैरिक तथा अन्य स्थानों पर भी बूथ लगेंगे। कुल 36 दर्जन टेलीफोन बूथ लगेंगे। इन बूथों पर बात करने के लिए प्रत्येक बंदी का कार्ड तैयार किया जाएगा। कार्ड में बंदी द्वारा दिए कुल तीन मोबाइल नंबर होंगे, जिन पर वह बात कर सकेंगे। जेल में टेलीफोन बूथ लगने की खबर से बंदियों में खुशी है। उनका कहना है कि अब उनसे बात करने के लिए उनके परिजनों को भी जेल आने की आवश्यकता नहीं है।
बंदियों के कार्ड होंगे रीचार्ज
बंदियों के कार्ड रीचार्ज की सुविधा भी जेल में ही होगी। रीचार्ज कंपनी द्वारा जेल स्टाफ से ही कराया जाएगा।
एक रुपये प्रति मिनट होगा कॉल रेट
जेल का कॉल रेट एक रुपये प्रति मिनट बताया जा रहा है। एक दफा मेें बंदी सिर्फ पंाच मिनट ही बात कर सकेगा। कॉल का जो भी पैसा आएगा उसका 90 प्रतिशत कंपनी लेगी, जबकि दस पैसा बंदी कल्याण कोष में जमा होगा।
बूथ का तार होगा मुलायम और बारीक
बूथ के तार का प्रयोग करते समय कंपनी ने इस बात का विशेष ध्यान रखा है कि वह तार इस प्र्रकार का ना हो जिसे बंदी आत्महत्या या फिर हत्या करने या फिर उससे किसी अन्य प्रकार की आपराधिक वारदात को अंजाम दे सकें।
केवल दिन मेें होंगी बातें
केवल दिन में ही बंदी बात कर सकेंगे। शाम पांच बजे के बाद सभी बंदियों के कार्ड जेल स्टॉफ ले लेगा सुबह दस बजे बाद यह कार्ड फिर से बंदियों को दे दिए जाएंगे।
बंदियों को बात करने में होगी आसानी
जेल में टेलीफोन बूथ की व्यवस्था शुरू की जा रही है। इससे बंदियों को अपने परिजन से बात करना आसान हो जाएगा। जल्द ही प्रत्येक अहाते में दो टेलीफोन बूथ लगेंगे। इन्हें लगाते समय सुरक्षा आदि बातों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
शैलेंद्र मैत्रेय, वरिष्ठ जेल अधीक्षक।