मथुरा। रमजान और नवरात्र में पेयजल आपूर्ति सुचारू करने के दावे की धज्जियां लगातार तीसरे दिन मंगलवार को भी उड़ती रहीं। ढाई लाख से अधिक की आबादी को दिनभर पेयजल के लिए भारी परेशानी झेलनी पड़ी। हालत यह रही कि नगर निगम के टैंकर भी उन्हें राहत नहीं दे सके। जिन कॉलोनियों में टैंकर पहुंचे वहां पानी के लिए मारामारी मची रही। दरअसल 25 मार्च को बुलंदशहर स्थित झाल से मथुरा-वृंदावन को होने वाली गंगाजल की आपूर्ति बंद हो गई थी। इससे 26 और 27 मार्च को पानी नहीं मिल सका। मंगलवार को भी देर शाम तक यही हाल रहा। जलापूर्ति नहीं होने से डैंपियर नगर, सुभाष नगर, भैस बहोरा, कठौती कुआं , कृष्णापुरी, रोटी गोदाम, बहादुरपुरा, नई बस्ती, मछली मंड़ी, सदर, जनरलगंज, दामोदरपुरा, बाढ़पुरा, चौबियापाड़ा, छगनपुरा,भरतपुर गेट, रामनगर, छत्ता बाजार क्षेत्र, डीगगेट, दरेसी रोड, राधिका विहार काॅलोनी आदि क्षेत्रों में दिन भर मारामारी रही।
टैंकर देखते ही जुटी भीड़
जल निगम को जहां-जहां से पानी संबंधी शिकायत मिली। टैंकरों से आपूर्ति की गई। हालात यह रही कि जिस भी कॉलोनी और मोहल्ले में टैंकर पहुंचे, पानी भरने के लिए लोगों की भीड़ जुट गई। लाइन लगने से अनेक लोगों को खाली बर्तन ही लौटना पड़ा और जल निगम को कोसते नजर आए।
निजी संसाधनों का लिया सहारा
जिन लोगों को पानी नहीं मिल पाया, उनमें से अधिकतर को मजबूरन निजी टैंकरों के जरिए पानी मंगवाना पड़ा। वहीं, अनेक लोग आरओ वाले पानी के सहारे रहे। भूजल पीने योग्य नहीं होने से लोगों ने कपड़े आदि धोने में तो इस पानी का इस्तेमाल किया, लेकिन पेयजल के लिए परेशानी झेलनी पड़ी।
बोतल वाले पानी की बढ़ी कीमत
जनरलगंज स्थित लाला नवल किशोर नलकूप पर पानी भरने वालों की भीड़ जुटी रही। रिक्शा या टैंकरों के जरिए नलकूप के पानी की बिक्री करने वालों की मांग बढ़ गई,वहीं आरओ के बोतल बंद पानी की कीमत 15 से बढ़ाकर 18 रुपये कर दी गई। ये लोग गलियों में जाकर पानी बेचते दिखे।
गंगा जल की उपलब्धता नहीं होने के कारण पानी का संकट खड़ा हुआ है। टैंकरों से जलापूर्ति के प्रयास किए जा रहे हैं। उम्मीद है देर रात तक जलापूर्ति सामान्य हो जाएगी।
- विजय नारायण, महाप्रबंधक जल निगम
मंगलवार सुबह 9 बजे से गंगा जल की आपूर्ति गोकुल बैराज वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए शुरू हो गई थी। शुरुआत में गंगा जल की मात्रा कम थी, लेकिन दोपहर बाद पूरी मात्रा में मिलने लगा। ट्रीटमेंट के बाद सबसे पहले भूतेश्वर जलाशय को गंगा जल भेजा गया है। देर रात तक तरह से गंगा जल की आपूर्ति शुरू कर दी है।
सुजीत कुमार, जल निगम के परियोजना प्रबंधक
नवरात्र और रमजान में पीने के लिए पानी नहीं मिल रहा है। लोग परेशान है। पीने के पानी के लिए दर-दर भटक रहे हैं। सभी परेशान हैं। यह स्थिति पिछले तीन दिन से बनी हुई है। मंगलवार दोपहर तक उम्मीद थी, लेकिन पानी नहीं आया। -
डॉ शबनम कुरैशी, सदर
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तीन दिन हो गए पानी नहीं आ रहा है। नगर निगम से पेयजल की आपूर्ति ठप पड़ी है। ऐसे में पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है।
- रामगोपाल, भरतपुर गेट
गंगा जल की सप्लाई बंद होने से बोतल बंद पानी की बिक्री करने वालों ने भी कीमत बढ़ा दी है। पानी की डिमांड अधिक होने के कारण वे मनमानी कर रहे हैं।
जगदीश शर्मा, रामनगर
त्योहार के समय पानी नहीं मिल रहा है। लोग पानी के लिए बर्तन लेकर भटक रहे हैं। यह क्षेत्र तो आम तौर पर पेयजल संकट से जूझता रहता है। अब स्थिति और गंभीर हो गई है।
ज्ञानचंद शर्मा, छगनपुरा
समाज सेवी प्रमोद गर्ग ने भिजवाए पानी के टैंकर
नगर निगम जहां जलापूर्ति की माकूल व्यवस्था नहीं कर सका, वहीं कुछ लोग ऐसे भी रहे जिन्होंने अपने प्रयासों से प्रभावित लोगों तक टैंकर से जलापूर्ति की। समाज सेवी प्रमोद गर्ग कसेरे ने बताया कि उनके 25 टैंकर गर्मियों में पेयजल सप्लाई करते हैं, जिन्हें शहर और बाहर अलग-अलग जगहों पर खड़ा किया जाता है। शहर में पेयजल किल्लत होने से उन्हें मच्छी मंडी, डीग गेट, जनरल गंज सहित कई जगहों से फोन आए और उन्होंने तत्काल टैंकर भेजकर जलापूर्ति की। उन्होंने बताया कि शहर की किसी भी इलाके में पेयजल की किलल्त है तो वो 8218292964 व 8979657515 पर फोन कर जरूरत के मुताबिक पानी मंगवा सकते हैं। बशर्ते इस पानी का इस्तेमाल पीने के अलावा अन्य कार्यों में न किया जाए।