मथुरा। एक जून से एक ही दुकान पर तंबाकू और पान मसाले की बिक्री पर सरकार ने प्रतिबंध लगा दिया है। मगर, स्थानीय स्तर पर इसका अनुपालन होता नहीं दिख रहा है। इसी कारण खुलेआम जिले भर में तंबाकू और पान मसाला बिक रहा है।
दरअसल, खाद्य विभाग और नगर निगम के बीच कार्रवाई को लेकर असमंजस है। खाद्य विभाग ने तंबाकू की जांच का अधिकार न होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया है। वहीं, नगर निगम के अफसर कह रहे हैं कि उनका काम सिर्फ वेंडर लाइसेंस देना। चेकिंग का अधिकार उनका नहीं है।
दो महकमों के बीच असमंजस का फायदा दुकानदार उठा रहे हैं। न तो फुटकर विक्रेताओं पर कार्रवाई हो रही है और न ही थोक। शहर के नए रोडवेज बस अड्डे, विकास बाजार, होली गेट, धौली प्याऊ, गोवर्धन चौराहा, कृष्णा नगर से लेकर हर गली-मोहल्ले की परचून दुकान व पान-बीड़ी के खोखे पर दुकानदार पान मसाला के साथ तंबाकू बेच रहे हैं।
एक माह बीते, नहीं हुई एक भी कार्रवाई
एक माह से अधिक का समय आदेश को लागू हुए हो गया है। मगर, नगर निगम और खाद्य सुरक्षा विभाग के बीच की असमंजस को लेकर अभी तक एक भी कार्रवाई नहीं हो सकी है।
खाद्य उत्पाद नहीं है तंबाकू
जिला अभिहित अधिकारी धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम में तंबाकू को खाद्य पदार्थ नहीं माना गया है। इस कारण यह विभाग द्वारा चेकिंग के अधीन नहीं है। हां, पान मसाला को खाद्य पदार्थ माना गया है। उसके सैंपल लिए जाएंगे। रही बात नए आदेश के अनुपालन की तो उसके लिए रणनीति तैयार कर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
आदेश में यह है कार्रवाई का प्रावधान
एक ही दुकान पर पान मसाला व तंबाकू पाउच बेचते पकड़े जाने पर पहले नोटिस, फिर मुकदमा व सुनवाई के बाद जुर्माना की कार्रवाई होगी। अधिकतम दो लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। जिला प्रशासन द्वारा नगर निगम के पीए सिस्टम से इसके विषय में पिछले कई दिनों से लोगों को जागरूक कर रहा है।
नगर निगम द्वारा वेंडर लाइसेंस जारी किए जा रहे हैं। जो भी विक्रेता बिना लाइसेंस बिक्री करेगा, उसके खिलाफ लाइसेंस नियमों के उल्लंघन के तहत नगर निगम कार्रवाई करेगा।
- शशांक चौधरी, नगर आयुक्त
कार्रवाई को लेकर क्या असमंजस है। इसको दिखवाया जाएगा। पान मसाला व तंबाकू एक साथ बेचने पर जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी।
- शैलेंद्र कुमार सिंह, जिलाधिकारी