अक्षय कुमार अभिनीत फिल्म ‘टायलेट एक प्रेम कथा’ का बरसाना में विरोध शुरू हो गया है। यहां के बुजुर्गों व सेवायतों का कहना है कि राधा-कृष्ण की लीलाओं से जुडे़ बरसाना और नंदगांव के लड़के-लड़कियों का आपस में विवाह नहीं होता है। नंदगांव के प्रत्येक बालक को कृष्ण सखा और बरसाना की प्रत्येक बालिका को राधा के स्वरूप के रूप में देखा जाता हैं।
लेकिन फिल्म की कहानी में सदियों पुरानी इस परंपरा को उलट दोनों गांवों के बीच शादी का संबंध दिखाया गया है। उन्होंने निर्माता निर्देशक से फिल्म की कहानी से ग्रामीणों को रूबरू कराने को कहा है, अन्यथा बरसाना में शूटिंग नहीं होने देने की चेतावनी दी है।
पिछले एक सप्ताह से बरसाना की लड़की और नंदगांव के लड़के की प्रेम कहानी पर आधारित फिल्म की शूटिंग नंदगांव में हो रही है। फिल्म में नंदगांव से बरात बरसाना आने और बरसाना से दुल्हन के विदा होकर नंदगांव पहुंचने का दृश्य फिल्माया गया। साथ ही दहेज का सामान भी बरसाना से नंदगांव गया।
बरसाना की ब्रजाचार्य पीठ के प्रवक्ता गोस्वामी घनश्याम राज भट्ट ने कहा पांच सौ वर्षों से चली आ रही परंपरा में नंदगांव-बरसाना में कभी भी कोई विवाह संबंध नहीं हुआ है। यहां एक-दूसरे के गांव में रिश्ते नहीं होते हैं, जबकि इस फिल्म में इस परंपरा पर कुठाराघात किया गया है। श्रीजी मंदिर के सेवायत भगवान दास गोस्वामी ने कहा कि नंदगांव के प्रत्येक बालक को कृष्ण के सखा भाव में और बरसाना की प्रत्येक बालिका के राधा के स्वरूप में मानते आ रहे हैं। इन्हें महज एक लड़का-लड़की के रूप में नहीं देख सकते हैं।
किशोरी शरण गोस्वामी ने बताया यदि इस फिल्म की शूटिंग में बरसाना के अंदर कोई भी दृश्य हमारी परंपराओं के खिलाफ दर्शाया गया तो हम शूटिंग का विरोध करेंगे। रासबिहारी गोस्वामी ने कहा कि फिल्म के निर्माता-निर्देशक को बरसाना शूटिंग करने आने से पहले फिल्म की स्टोरी से ग्रामीणों को रूबरू करवाना पडे़गा। यदि ऐसा नहीं हुआ तो बरसाना के लोग फिल्म की शूटिंग नहीं होने देंगे।