जिला जेल में एक और बंदी की मौत हो गई। परिवार जहां हत्या का आरोप लगा रहे हैं वहीं जेल प्रशासन का कहना है कि मौत हार्टअटैक से हुई है। इधर, जेल में लगातार होने वाली बंदियों की मौत से जेल प्रशासन पर भी सवाल उठने लगे हैं।
रहीश (27) निवासी चामुंडा कालोनी, राया 23 जुलाई को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया था। पुलिस ने उसे नशीले पाउडर के साथ पकड़ा था। तभी से वह जेल में था। शुक्रवार को सुबह 6:30 बजे उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। डाक्टरों ने जो पर्चा काटा है उस पर लिखा है कि रहीश को बेहोशी की हालत में बंदी रक्षक नेत्रपाल और सुबोध कुमार यहां लेकर आए थे। वह बोल नहीं पा रहा था। हालत गंभीर थी। सुबह 8:12 पर उसकी मौत हो गई।
सूचना पाकर परिवार के लोग भी पहुंच गए। इन लोगों ने आरोप लगाया कि रहीश की हत्या की गई है। क्योंकि जब मिलाई करने के लिए जाते थे तो वह बताता था कि जेल प्रशासन बहुत टार्चर करता है। रुपये की मांग की जाती है। जो लोग रुपये नहीं देते उनसे सारा काम कराया जाता है। परिवार वालों ने मामले की जांच की मांग की है।
जेल अधीक्षक पीडी सलोनिया का कहना है कि सुबह को छह बजे जब बैरक संख्या एक को खोला गया तो रहीश की तबीयत बिगड़ी हुई थी। तत्काल जेल के अस्पताल में भेजा गया। वहां से जिला अस्पताल को रेफर कर दिया गया। माना जा रहा है कि उसे दिल का दौरा पड़ा है। वहीं जेल में लगातार होने वाली बंदियों की मौत से जेल प्रशासन पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
जेल में नहीं मिलता इलाज
जेल में तबीयत बिगड़ने पर बंदी चिल्लाते रहते हैं लेकिन आसानी से इलाज नहीं मिल पाता। रहीश की मां का कहना है कि जब वह मिलने के लिए लिए जेल में गईं थीं तब उसने तबीयत खराब होने की बात कही थी। उसका कहना था कि अगर कोई दिक्कत हो तो इलाज तक नहीं मिलता। जेल वाले कहते हैं कि नौटंकी कर रहा है। जो लोग रुपये दे देते हैं उनकी हर मांग आसानी के साथ पूरी कर दी जाती है। जिस अस्पताल में चाहें वहां इलाज करा दिया जाता है। अच्छा खाना दिया जाता है।
दो दिन पहले दी थी बीमारी की जानकारी
जिला जेल में निरुद्ध रहीश कुरैशी की मौत के बाद परिवारीजनों ने जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। मृतक रहीश की मां बानो ने दो दिन पहले जेल प्रशासन को रहीश की हालत खराब होने की जानकारी दी थी, लेकिन किसी ने नहीं सुनी। कोई उपचार नहीं कराया। उसकी हालत बिगड़ती चली गई और वह मौत के मुंह में समा गया। परिवारीजनों का कहना है कि अगर जेल प्रशासन समय से उपचार कराता तो वह ठीक हो सकता था लेकिन लापरवाही के चलते उसकी मौत हुई है।
बबाल की आशंका, पीएससी तैनात
जिला जेल में निरुद्ध कैदी की मौत होने के बाद राया में बबाल की आशंका को लेकर थाना राया पर पीएससी बल तैनात रहा। बलदेव, मांट और जमुनापार की पुलिस फोर्स थाना राया पर तैनात रही। आशंका थी कि जेल में निरुद्ध कैदी की मौत के बाद राया में आक्रोशित लोग जाम लगाकर बबाल काट सकते हैं। जिसको लेकर क्षेत्राधिकारी महावन सहित अन्य थानों को फोर्स थाना राया में तैनात रहा।