कृष्णानगर चौकी क्षेत्र के भूतेश्वर के निकट तीन सवारी लेकर जा रहे युवक की बाइक ओवरटेक करते समय ट्रैक्टर ट्रॉली से टकरा गई। संतुलन बिगड़ने से बाइक गिर गई और ट्रैक्टर ट्रॉली युवक के ऊपर से गुजर गए। हादसे में बाइक सवार एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। युवक की मां और बहनोई घायल हो गए। घटना से आक्रोशित दुकानदारों ने ट्रैक्टर चालक की बिजली के खंभे से बांधकर पिटाई की और शव रखकर जाम लगा दिया। इस दौरा करीब छह वाहनों में तोड़फोड़ के बाद बाजार बंद कर दिया। प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस ने मुआवजे का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
गोविंदगढ़, अलवर के भगत सिंह पार्क कालोनी निवासी 35 वर्षीय युवक आजाद पुत्र जमालुद्दीन अपनी मां वसीरन (65), ओल निवासी बहनोई साबिर के साथ बाइक से डीग गेट इलाके में अपनी बहन के रिश्ते के लिए आया था। शाम पांच बजे तीनों एक बाइक से ओल जा रहे थे। कृष्णानगर चौकी क्षेत्र में आजाद भूतेश्वर के निकट ट्रैक्टर ट्रॉली को ओवरटेक करते समय हादसा हो गया। हादसे के बाद आसपास के दुकानदारों ने ट्रैक्टर चालक राजू पुत्र सुखवीर निवासी गांव पिल्हौरा छाता कोतवाली को पकड़ लिया।
उसकी बिजली के खंभे से बांधकर पिटाई कर डाली। आक्रोशित दुकानदारों ने शव रखकर जाम लगा दिया और हंगामा किया। जाम के दौरान आक्रोशित लोगों ने ट्रैक्टर ट्रॉली सहित करीब छह वाहनों में तोड़फोड़ कर डाली। यह देख भूतेश्वर इलाके के दुकानदारों ने भी दुकान बंद कर दी और भाग खड़े हुए। सूचना पर पहुंचे गोविंद नगर थानाध्यक्ष ने ट्रैक्टर चालक को मुक्त कराया थाने भेजा और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। सूचना पर कोतवाली, कृष्णानगर, हाईवे, सदर बाजार, रिफाइनरी पुलिस सिटी मजिस्ट्रेट हेम सिंह, सीओ सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी मौके पर पहुंच गए। कुछ देर बाद ही एडीएम वित्त धीरेंद्र सचान, एसपी देहात अजय कु मार मौके पर पहुंच गए। जाम लगाने वाले नकद मुआवजा देने की मांग कर रहे थे। इसी दौरान बरसात आने पर युवक भीगने से बचने को भागने लगे। उस समय वहां सिर्फ गोविंद नगर पुलिस मौजूद थी। बाद पहुंचे अधिकारियों ने आश्वासन देकर करीब आधे घंटे बाद जाम खुलवाया।
हेलमेट होता तो बच जाती जान
तीन सवारी बाइक पर जा रहे आजाद ने घटना के समय हेलमेट नहीं पहना हुआ था। ट्रैक्टर से टकराने के बाद उसका सिर सड़क से टकरा गया और वह बेहोश हो गया। इसी दौरान पीछे से ट्रैक्टर का पहिया उसके ऊपर से निकल गया। यदि उसने हेलमेट पहना होेता तो उसकी जान बच सकती थी।
कई बार में उठाए अधिकारियों ने फोन
रविवार का दिन और ऊपर से बरसाती मौसम। ऐसे में निश्चिंत हुए पुलिस अधिकारियों के घटना होने पर बड़ी मुश्किल से फोन उठ सके। बवाल रोकने में जुटी गोविंद नगर पुलिस ने आसपास के इलाके के दरोगाओं और अधिकारियों को सूचना देने को कई बार फोन करना पड़ा तब उनसे संपर्क हो सका।