Rangbhari Ekadashi 2025: फाल्गुन शुक्ल एकादशी को काशी में रंगभरी एकादशी कहते हैं। इस दिन वृंदावन में बांके बिहारी का विशेष शृंगार किया जाता है। आराध्य अपने भक्तों के साथ चांदी की पिचकारी से होली खेलेंगे।
रंगभरी एकादशी 10 मार्च को मनाई जाएगी। इसे अमालकी एकादशी भी कहा जाता है। इस दिन बिहारीजी चांदी की पिचकारी से भक्तों संग रंग खेलेंगे। इस दौरान वे हुरियारे के रूप में नजर आएंगे। उनका विशेष शृंगार भी किया जाएगा।
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बांके बिहारी मंदिर के सेवायत नितिन सांवरिया ने बताया कि टेसू के फूलों से रंग बनाने के लिए एकादशी से करीब 10 दिन पहले से ही टेसू के फूल एकत्रित करना शुरू कर दिया जाता है। उसके बाद एकादशी से एक दिन पहले होली खेलने के लिए टेसू के फूलों से रंग तैयार किया जाता है। इस विशेष आयोजन की तैयारियाें में सेवायत जुट गए हैं।
रंगभरनी एकादशी के दिन ठाकुर श्रीबांकेबिहारी को मोरमुकुट, कटि-काछनी और श्वेत वस्त्र धारण कराकर विशेष शृंगार किया जाएगा। वे कमर पर गुलाल का फेंटा बांधे नजर आएंगे। सेवायत भी टेसू के फूलों से तैयार रंगों की बौछार करते दिखेंगे।
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सुरक्षा को लेकर भी शुरू हुईं तैयारियां
वृंदावन के कोतवाली प्रभारी रवि त्यागी ने बताया कि सुरक्षा को लेकर पुलिस ने तैयारियां शुरू कर दीं हैं। पिछले वर्ष इस आयोजन पर वृंदावन को 4 जोन में बांटा गया था। इस बार श्रद्धालुओं की संख्या में और इजाफा होने की संभावना है। इसे देखते हुए मंदिर प्रबंधन के साथ ही पुलिस टीम तैयारियों में जुट गई है।