मथुरा। एक जुलाई से सात जुलाई के बीच रोपे गए 31 लाख 56 हजार पौधों का डीएम के आदेश पर सत्यापन किया जा रहा है। डीएम ने सत्यापन के लिए टीम भी बना दी। कुछ अधिकारियों ने कार्यालय में बैठकर ही ग्रीन रिपोर्ट दे दी। लोअर मांट में गड़बड़ी मिलने के बाद पौधरोपण का सत्यापन किया जा रहा है।
वृहद पौधरोपण अभियान में चार जुलाई को दस ब्लॉक व अन्य विभागों ने एक साथ 26 लाख 28 हजार पौधों को रोपने का दावा किया । वन विभाग द्वारा बनाए गए कंट्रोल रूम में शाम पांच बजे तक ही सभी पौधे रोप दिए जाने की जानकारी दी गई। जबकि कई ब्लॉक के बीडीओ यह स्वीकार कर रहे हैं कि वह पूरा पौधरोपण नहीं कर सके हैं। पौधरोपण की पहली गड़बड़ी लोअर मांट में उस समय पकड़ी गई जब नोडल अधिकारी मयूर माहेश्वरी ने गड्ढों का गिनना प्रारंभ किया।
नोडल अधिकारी को ऐसी जगह पर गड्ढे बताए जहां पर कंटीली झाड़ियां थीं और वहां पर कोई भी नहीं जा सकता था। जिन स्थानों पर पौधरोपण दिखाया गया है वहां पर पौधरोपण किया ही नहीं है। पौधरोपण से जुड़े लोगों का यह भी कहना है कि जो पौधे वन विभाग द्वारा 22 नर्सरी से लिए गए हैं, उनकी जांच होनी चाहिए। क्योंकि नर्सरी के पास इतना पौधा ही नहीं है।
न ट्री गार्ड न सुरक्षा
कुछ स्थानों पर पौधरोपण कराया भी गया है तो नाम मात्र के लिए। इन स्थानों पर न तो कोई ट्री गार्ड लगाए गए हैं और ना ही इन पौधों को पानी की कोई व्यवस्था की गई है। कई स्थानों पर तो पौधों को जानवर तक खा गए हैं।
सदस्यों से कहा है कि वह अपने-अपने क्षेत्र में पौधरोपण की जानकारी करें। पौधरोपण हुआ है तो कहां और कितने पौधे लगाए गए। उन पौधों को संरक्षित करने के क्या इंतजाम हैं।
किशन चौधरी, अध्यक्ष जिला पंचायत
अभी तक डीएम द्वारा नामित किए गए अधिकारियों ने सत्यापन पूरा नहीं किया है। सत्यापन के बाद ही रिपोर्ट मिल सकेगी।
रजनीश मित्तल - डीएफओ