मथुरा। स्थानीय निकायों के चुनाव को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। शासन ने सीमा विस्तारित निकाय क्षेेत्रों का ओबीसी सर्वे करने का आदेश दिया है। इसकी रिपोर्ट डीएम को १५ जुलाई तक भेजनी होगी।
स्थानीय निकायों का कार्यकाल अब अंतिम दौर में है। इस वर्ष के अंत में निकायों का कार्यकाल खत्म होने जा रहा है। इसकी तैयारी शासन और जनपद स्तर पर शुरू हो गई है। शासन चुनाव से जुड़ी जानकारियां एकत्रित कर रहा है। इसी के दृष्टिगत प्रमुख सचिव अमृत अभिजात ने सीमा विस्तारित निकायों में अन्य पिछड़े वर्ग के लोगों का सर्वे करने का आदेश दिया है। यह सर्वे निकाय के सीमा विस्तार से जुडे़ क्षेत्र में किया जाएगा।
इस दायरे में जनपद में मथुरा-वृंदावन नगर निगम, गोवर्धन नगर पंचायत और राधाकुंड नगर पंचायत को शामिल किया गया है। उक्त तीनों निकायों में २०१९ में सीमा विस्तार किया गया था। इसमें नगर निगम के वृंदावन क्षेत्र के सात गांव, गोवर्धन नगर पंचायत के पांच गांव और राधाकुंड का एक क्षेत्र सीमा विस्तार में शामिल हुआ है। प्रमुख सचिव ने उक्त सीमा विस्तारित क्षेत्र में चुनाव के दृष्टिगत पिछड़ी जातियों का सर्वे कराते हुए १५ जुलाई तक रिपोर्ट भेजने के लिए कहा है। गौरतलब रहे कि पिछड़ी जातियों के सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर निकायों के वार्ड का आरक्षण निर्धारण होना है।
हो रहा है वार्डों का निर्धारण
सीमा विस्तारित क्षेत्र से जुडे़ निकार्यों में नए वार्डों का गठन किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में राधाकुंड में वार्ड संख्या को यथावत रखा जाने का प्रस्ताव है, जबकि गोवर्धन नगर पंचायत में दो नए वार्ड बन सकते हैं। नगर निगम भी नए वार्ड का निर्धारण कर रहा है। तीनों निकायों में यह प्रक्रिया अंतिम दौर में है।