ब्रजभूमि में अब कान्हा की गैया चारे के लिए इधर से उधर भटकती नहीं दिखाई देंगी। गोवंश की सुरक्षा के भी प्रयास किए जाएंगे। राज्य सरकार की कान्हा पशु आश्रय योजना के तहत जिले में गोवंश के लिए चार आश्रय सदन बनाने का फैसला किया गया है।
बता दें कि कान्हा की जन्म और लीला स्थली में करीब तीन लाख गाय हैं। इनमें सवा दो लाख गायों को आश्रय मिला हुआ है। एक लाख गाय गोशाला में हैं और एक लाख को किसान पाल रहे हैं। इसके बाद भी करीब 30 हजार गाय आश्रय विहींन हैं। उन्हें खुलेआम घूमते देखा जा सकता है। इसके चलते जिले में गोवंशीय पशुओं की चोरी घटनाएं बढ़ रही हैं।
भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं में प्रमुख स्थान रखने वाली इन गायों को आश्रय देने की पहल सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर राज्य सरकार ने की है। राज्य सरकार की कान्हा पशु आश्रय योजना के तहत मथुरा जिले में चार पशु आश्रय बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है। गोशाला के स्वरूप में बनने वाले पशु आश्रय मथुरा, वृंदावन, बलदेव और फरह में बनाए जाएंगे। इनका प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है।
ये होंगी सुविधाएं
कान्हा पशु आश्रय योजना में बनने वाली गोशाला में पशुओं को रखने के लिए अलग-अलग शेड, स्वच्छ पानी की व्यवस्था, चारा रखने की व्यवस्था, बायोगैस प्लांट, सौर ऊर्जा प्लांट और परिसर की बाउंड्रीवाल की जाएगी।
गोरक्षकों और तस्करों में होती है मुठभेड़
सनातन धर्म में गाय को पूजनीय कहा गया है। ब्रजभूूमि में गायों का महत्व और भी ज्यादा है। इसके बावजूद जिले में गाय चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं। पुलिस से बता न बनने पर गांववासी अब खुद गोरक्षकों के रूप में गोवंश की रक्षा के लिए एकजुट हो गए हैं। ऐसे में गो तस्करों से आए दिन इन गोरक्षकों की मुठभेड़ होती है।