अब डाक टिकट भारत के सांस्कृतिक दूत की भूमिका में भी होंगे। शीघ्र ही डाक टिकटों पर भारतीय संस्कृति, दर्शन की छाप दिखेगी। मंगलवार को यहां केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने माइ स्टांप प्रोजेक्ट के तहत काशी के घाट पर डाक टिकट जारी कर इसकी शुरुआत की। जल्द ही यमुना के घाटों को भी डाक टिकट पर स्थान दिया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बताया कि आजादी के बाद से लेकर अब तक जवाहर लाल नेहरू, महात्मा गांधी, डॉ. अंबेडकर सहित नेहरू-गांधी परिवार के अन्य सदस्यों के फोटो छपी डाक टिकट ही डाकघर में थीं। डाक टिकट से देश के अन्य महापुरुष नदारद थे।
एक दिन एक व्यक्ति ने उनसे दीनदयाल उपाध्याय पर डाक टिकट के बारे में जानकारी ली। जब उन्होंने डाक विभाग में जानकारी की तो पता लगा कि दीनदयाल उपाध्याय की तो सिर्फ एक बार ही स्मृति चिह्न के रूप में डाक टिकट छपी है। इसके बाद ही निर्णय लिया गया कि अब प्रतिदिन बिकने वाली टिकटों पर देश के अन्य महापुरुष ही नहीं वरन् भारतीय संस्कृति की झलक भी दिखाई देगी।
इसके बाद ही महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरू, डॉ. अंबेडकर के साथ शिवाजी महाराज, स्वामी विवेकानंद, महाराणा प्रताप, दीनदयाल उपाध्याय, भीमसेन जोशी, सरदार बल्लभ भाई पटेल आदि को डाक टिकट पर स्थान दिए जाने का निर्णय लिया गया है। इसकी शुरुआत आज काशी के घाट छपी डाक टिकट के साथ हो रही है। जल्द ही डाक टिकट पर यमुना के घाट, हरि की पैड़ी जैसे अन्य महत्वपूर्ण स्थल भी दिखाई दे सकते हैं।
बांकेबिहारी मंदिर पर लगेगा वाई-फाई
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने मंगलवार को कृष्ण जन्मस्थान और द्वारिकाधीश मंदिर पर वाई-फाई सुविधा का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि मात्र एक माह के अंदर ही वृंदावन के विख्यात बांकेबिहारी मंदिर में वाई-फाई सुविधा शुरू करा दी जाएगी। ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु इंटरनेट सुविधा का लाभ उठा सकें। उन्होंने यमुना के घाटों पर भी वाई-फाई सुविधा देने का आश्वासन दिया।