कन्हैया की नगरी में आने वाले श्रद्धालुओं को ठहरने के लिए न तो भागदौड़ करनी पड़ेगी और न ही उनसे अधिक धनराशि की वसूली हो सकेगी। जल्द ही मथुरा के होटल, गेस्ट हाउस, धर्मशाला को पोर्टफोलियो के साथ ऑनलाइन किया जा रहा है। पर्यटक आने से पूर्व ही सुविधाओं को परख कर कमरा बुक करा सकेंगे।
ये पहल प्रभारी डीएम और सीडीओ आंद्रे वामसी ने की है। जिले में पर्यटन विभाग के रिकॉर्ड में लगभग 32 होटल, 217 गेस्ट हाउस और धर्मशालाएं हैं। इनमें बाहर से आने वाले पर्यटक ठहरते हैं। ब्रज में कई ऐसे पर्व और त्योहार हैं जिनमें लाखों पर्यटक श्रद्धालु आते हैं।
इनके ठहरने के नाम पर होटल, धर्मशाला, गेस्ट हाउस संचालक मनमाना किराया वसूलते हैं। कमरा न मिलने पर कई श्रद्धालु चाहकर भी ब्रज के उत्सव, त्योहारों का आनंद नहीं ले पाते हैं। प्रभारी डीएम आंद्रे वामसी ने बताया हमने जिले के सभी होटल, धर्मशाला, गेस्ट हाउसों का सर्वे कर उनकी सूची, सुविधाएं और किराए की लिस्ट संकलित की है। ये डाटा लेकर एक वेबसाइट तैयार की जा रही है जो एनआईसी मथुरा से कनेक्ट होगी। श्रद्धालु इस वेबसाइट से अपने पसंद के होटल, गेस्ट हाउस, धर्मशाला में कमरा बुक करा सकेगा। जल्द ही ये वेबसाइट शुरू हो जाएगी।
ये हैं आकर्षण
-वृंदावन में बांकेबिहारी, इस्कॉन, अक्षय पात्र, प्रेम मंदिर, माता वैष्णो देवी मंदिर
-मथुरा में श्रीकृष्ण-जन्मस्थान, द्वारिकाधीश, यमुना का पवित्र विश्राम घाट
-गोकुल, बरसाना, नंदगांव सहित ब्रज के प्राचीन पौराणिक स्थल भी करते हैं आकर्षित
-गोवर्धन में गिर्राज परिक्रमा को लेकर उत्साहित रहते हैं श्रद्धालु, हर माह पूर्णमासी को उमड़ते हैं
फैक्ट फाइल..
-ब्रज भूमि में हर साल आते हैं लगभग 1.31 करोड़ श्रद्धालु
-विदेशी, पर्यटक श्रद्धालुओं की संख्या 29 हजार के करीब
-मथुरा में 32 होटल और 217 गेस्ट हाउस, धर्मशालाएं
पर्यटन विभाग के आंकड़े ...
मेला/उत्सव/त्योहार भारतीय श्रद्धालु विदेशी
बसंत पंचमी 2,28000 1090
होली/रथ का मेला 9,15000 5670
गुरु पूर्णिम/मुड़िया पूनो 81,50000 7350
सावन मेला 4,14000 8060
कृष्ण, राधा जन्माष्टमी, हरिदास जयंती 6,10000 1820
ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा 3,02000 3340
यमद्वितीया, अक्षय नवमी 6,85000 1020
त्रैमासिक जयगुरुदेव मेला 18,15000 530