कान्हा की नगरी मथुरा-वृंदावन अब सिर्फ आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर भी ट्रेंडिंग में है। ब्रजभूमि के धार्मिक स्थल आज डिजिटल दुनिया में छाए हुए हैं। इस नए ट्रेंड का सीधा असर यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या पर दिख रहा है, जो हर साल नए रिकॉर्ड बना रही है। इस साल अब तक 9.55 करोड़ श्रद्धालु व पर्यटक यहां आ चुके हैं।
अधिकारियों का मानना है कि सोशल मीडिया ने भी मथुरा-वृंदावन के पर्यटन को एक नया आयाम दिया है। पहले लोग सिर्फ बड़े त्योहारों पर ही यहां आते थे, वहीं अब वीकेंड पर भी भारी भीड़ उमड़ने लगी है। गोवर्धन, बरसाना, नंदगांव और वृंदावन के घाट अब केवल पूजा-पाठ के लिए ही नहीं, बल्कि सेल्फी और वीडियो शूट के लिए भी युवाओं के बीच लोकप्रिय हो रहे हैं। लठमार होली हो या जन्माष्टमी, इन त्योहारों के वीडियो और तस्वीरें खूब वायरल होती हैं, जिससे और भी लोग यहां आने के लिए आकर्षित होते हैं।
यही वजह है कि अब यहां सिर्फ श्रद्धालु ही नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में इंफ्लूएंसर और युवा पर्यटक भी पहुंच रहे हैं, जो अपनी यात्रा को डिजिटल डायरी में सहेजने के साथ-साथ दुनिया के साथ साझा भी कर रहे हैं। इससे पर्यटकों की संख्या में भी अभूतपूर्व उछाल देखने को मिल रहा है।
सबसे ज्यादा वृंदावन भाया
पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2023 में 7.90 करोड़ भक्त व पर्यटक यहां घूमने व दर्शन करने आए। इनमें सबसे ज्यादा संख्या वृंदावन, गोवर्धन, बरसाना और जन्मभूमि घूमने वालों की रही। इसी तरह वर्ष 2024 में श्रद्धालुओं को सबसे ज्यादा वृंदावन भाया। यहां 2.54 करोड़ भारतीय और करीब 70 हजार विदेशी श्रद्धालु आए। बीती साल जिलेभर में नौ करोड़ पर्यटक यहां घूमने के लिए आए। जनवरी 2025 से अब तक करीब 9.55 करोड़ पयर्टक यहां घूमने के लिए आ चुके हैं। पर्यटन विभाग ने दिसंबर तक 10 करोड़ का आंकड़ा पार होने की संभावना जताई है।
सहायक पर्यटन अधिकारी हेमंत शर्मा ने बताया कि मथुरा-वृंदावन के प्राचीन धार्मिक स्थलों को प्रदेश सरकार पर्यटन हब के रूप में विकसित कर रही है। इसलिए साल दर साल भक्तों व पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। साथ ही सोशल मीडिया से भी धार्मिक स्थलों का प्रचार-प्रसार हो रहा है। इस साल अब तक नौ करोड़ से अधिक पर्यटक यहां आए हैं। यह आंकड़ा दिसंबर तक और बढ़ने की संभावना है।