एक सप्ताह पहले ही शहर के बीच कांजीपाड़ा में मकान फटे थे, अब शनिवार को गली ठठेरान में जमीन धंस गई। इसकी चपेट में आए चार मकानों की दीवारों में दरार आ गई। लोग भयभीत हैं कि कहीं कोई अनहोनी न हो जाए।
शहर के टीलेनुमा क्षेत्र पर बसी आबादी पिछले डेढ़ दशक से गंभीर संकट से जूझ रही है। इस क्षेत्र में आए दिन जमीन धंसने से मकान फट रहे हैं। पुराने शहर के इस हिस्से में शायद ही ऐसा कोई मोहल्ला होगा जो इस समस्या से न जूझ रहा हो। शनिवार को इस मुसीबत ने गली ठठेरान के चार परिवारों की नींद उड़ा दी है।
पेयजल पाइप लाइन में लीकेज के चलते रमनटावर से ठठेरान की ओर जाने वाली गली धंसक गई। इससे गली ठठेरान में गिरधारी लाल अग्रवाल, कन्हैया लाल अग्रवाल, सतीश अग्रवाल और राजू अग्रवाल के मकान की दीवारों में दरारें आ गई हैं। गिरधारी लाल के मकान की हालत सबसे अधिक खराब है। उनका कहना है कि जो हालत वर्तमान में मकान की है, उसे देखकर यहां रहने में भी परिजन घबरा रहे हैं।
गौरतलब रहे कि पिछले सप्ताह कांजीपाड़ा में ऐसी ही स्थिति पर डीएम ने नगर पालिका को जांच के आदेश दिए थे। लेकिन समस्या का समाधान किसी स्तर पर निकल कर नहीं आ रहा है। शनिवार को इस घटना की जानकारी लगते ही नगर पालिका के जलकल विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई।
खोदाई के दौरान यहां वर्षों पुरानी पाइप लाइन जर्जर निकली है। अब क्षेत्रीय लोग इन पाइप लाइनों को अंडरग्राउंड नहीं डालने दे रहे हैं, जिससे भविष्य में यह समस्या फिर उत्पन्न न हो जाए।