समाजवादी पार्टी में शुरू हुई रार खत्म होने के बजाय बढ़ती जा रही है। रिश्तों की खाई अब सार्वजनिक मंचों पर सामने आने लगी है। तभी तो समाजवादी पार्टी के रजत जयंती समारोह की प्रचार सामग्री से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का चेहरा ही गायब कर दिया है।
पांच नवंबर को लखनऊ में सपा का रजत जयंती समारोह मनाया जाएगा। समारोह के प्रचार के लिए जो पैंफलेट बांटा जा रहा है उसके मुख्य पृष्ठ पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव और पार्टी का चुनाव चिह्न साइकिल छपा है। प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव का कार्यकर्ताओं को संबोधन है।
इस समारोह के जरिए जिस सरकार की रीति-नीत गांव-गांव पहुंचाकर सपा 2017 में विजय का सपना देख रही है उसी सरकार के मुखिया अखिलेश यादव का चेहरा पैंफलेट से गायब है। पार्टी के लोग ही दबी जुबान से स्वीकार रहे हैं कि मुख्यमंत्री के बिना ये प्रचार रिश्तों की बढ़ती खाई का एक और नमूना है।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि बीते पांच सालों में ऐसा पहली बार हो रहा है, जब पार्टी का इतना बड़ा आयोजन है और उसमें मुख्यमंत्री अखिलेश का नाम तक नहीं है। बहरहाल कार्यकर्ता भी वेट एंड वॉच की स्थिति में हैं। कुछ युवा तो रजत जयंती समारोह की तैयारियों में भी भारी मन से लगे हैं।
प्रभारी मंत्री ने लिया तैयारियों का जायजा
लखनऊ में समाजवादी पार्टी का रजत जयंती समारोह अब प्रतिष्ठा का विषय है। गुरुवार को प्रभारी मंत्री रामसकल गुर्जर ने पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी। पार्टी में उठापटक के चलते गुरुवार को प्रभारी मंत्री खुद तैयारियों का जायजा लेने आए। सभी फ्रंटल संगठनों के पदाधिकारियों के साथ ही विधानसभा वार जिम्मेदारी दी गई।
मंत्री ने खुद एक-एक पदाधिकारी से तैयारी के बारे में पूछा। एक विधानसभा से एक हजार लोगों को ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। सभी कार्यकर्ता चार नवंबर को लखनऊ रवाना होंगे। प्रत्येक वाहन पर विधानसभा का बैनर लगाया जाएगा। अध्यक्षता जिला अध्यक्ष तुलसीराम शर्मा ने की। संचालन महासचिव तनवीर अहमद ने किया। डा. अशोक अग्रवाल, जगदीश नौहवार, रामधन गुर्जर, वीरेंद्र यादव, सतेंद्र सिंह, संजय शर्मा आदि उपस्थित थे।