महाभारत, रामायण हमारे प्रेरणाश्रोत और संत मार्गदर्शक हैं। यह बात केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार को वात्सल्य महोत्सव में कही। वे वात्सल्य ग्राम आयोजित महोत्सव का बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
केंद्रीय मंत्री ने देश के वर्तमान हालातों पर कहा कि कल्याणकारी राज में राजाओं का काम धार्मिक मूल्यों को प्रबल बनाना है। आतंकी ताकतें सज्जन शक्ति को समाप्त करना चाहती हैं, प्रतिकार के लिए नहीं लेकिन समाज को धर्म, संस्कृति और सज्जनों की रक्षा के लिए शक्तिशाली बनाना ही होगा।
नितिन गडकरी ने कहा कि सरकार की भूमिका मर्यादित है लेकिन हम सब मिलकर धर्म-संस्कृति को संरक्षित करेंगे और देश को शक्तिशाली बनाएंगे। साध्वी ऋतंभरा के कार्यों को समर्थन देना हमारा कर्तव्य है। धर्म क्षेत्र में सेवा कार्य करने वाले संतों ने हमारे सामने आदर्श प्रस्तुत किया है। कुछ लोग हिंदू धर्म, हिंदुत्व के प्रति गलत नीतियां चलते हैं लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसकी सही व्याख्या की है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सहिष्णुता हमारे देश और समाज का नैसर्गिक अंग है। हम इन्ही विचारों से परिवर्तन लाएंगे। सेवा करने वालों को सम्मानित और प्रोत्साहित किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान गडकरी ने स्वामी परमानंद महाराज और साध्वी ऋतंभरा के चरण छूकर आशीर्वाद लिया। मंच से योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि भारतीय ज्ञान और अनुसंधान के बल पर अनेक विदेशी कंपनियां उखाड़ फेंकी हैं, जो एक दो बची हैं वह भी शीघ्र शीर्षासन करती नजर आएंगी।
रामदेव ने बताया कि पतंजलि संस्थान के लिए लिया गया पांच सौ करोड़ रुपये का कर्ज चुका दिया है। अब जो भी आय होगी उसे अभावग्रस्त की सेवा में लगाएंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सभी मंत्री गडकरी की तरह रफ्तार से काम करें तो देश 10-20 साल में शिखर पर पहुंच जाएगा।
योग गुरु ने अगले पांच साल में दिल्ली क्षेत्र में एक लाख बच्चों को भारतीय पद्धति पर शिक्षा देने वाले विश्वविद्यालय की स्थापना की बात कही। देश के सभी जिलों में भारतीय पद्धति के विद्यालय खोलने का भी एलान किया। इस दौरान जीएलए विश्वविद्यालय के कुलाधिपति नारायणदास अग्रवाल ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का स्वागत किया।
कार्यक्रम में भाजपा सांसद महेश गिरि, वृंदावन नगर पालिका चेयरमैन मुकेश गौतम, देवेंद्र शर्मा, विभोर प्रकाशम, डा संजय गोयल, गणेंद्र मेढतिया, मनोज त्यागी, उमाशंकर पालीवाल आदि उपस्थित थे।