तप और दान के पर्व ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी (निर्जला एकादशी) पर गुरुवार को मंदिरों में आराध्य के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की कतारें लगी रहीं। द्वारिकाधीश मंदिर और वृंदावन के बांकेबिहारी मंदिर में भीड़ उमड़ी। यमुना में स्नान कर भक्तों ने आराध्य का ध्यान कर दान दिया।
सुबह से ही यमुना के घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ रही। यमुना में स्नान करने के बाद वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ यमुना महारानी का जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक किया। इसके बाद श्रद्धालुओं का रेला द्वारिकाधीश मंदिर में उमड़ पड़ा।
यहां द्वारिकाधीश के दर्शन के बाद गरीब, असहाय लोगों को दान दिया गया। उनको खरबूजा, पंखा, कूलर, सुराही दान की गई। निर्जला एकादशी पर शहर के सभी मंदिरों में विशेष दर्शनों का आयोजन किया गया।
शर्बत की प्याऊ लगाकर पुण्य कमाया
निर्जला एकादशी पर शहर में जगह-जगह शर्बत और शीतल जल की प्याऊ लगाई गई। गरमी से परेशान लोगों ने शर्बत का आनंद लिया।