वृंदावन में भीषण गर्मी के बीच यमुना में स्नान करते समय दो अलग-अलग घाटों पर नौ बच्चे डूबने लगे, लेकिन सतर्क नाविकों ने तुरंत नदी में छलांग लगाकर सभी को सुरक्षित बचा लिया। श्रृंगार घाट के चार बच्चों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जबकि भंवर घाट के बच्चे सुरक्षित होने के बाद अपने घर लौट गए।
वृंदावन में यमुना स्नान के दौरान दो घाटों पर नौ बालक अचानक नदी में डूबने लगे। बालकों की चिल्लाने की आवाज सुनकर स्थानीय नाविक भी यमुना में कूद गए और दोनों ही घाटों से नौ बालकों को यमुना से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। चार बालक श्रृंगारघाट पर डूबे तो पांच लोग भंवरघाट पर। सूचना पर पुलिस पहुंच गई। भंवरघाट के ठीक होने के कारण अपने घर चले गए तो श्रृंगार घाट के बालकों को सौ शैय्या अस्पताल ले गए। जहां उपचार के बाद पुलिस ने परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
वृंदावन के श्रृंगार घाट पर रविवार दोपहर को करीब 2:30 बजे बुर्जा निवासी आठ वर्षीय नीरज पुत्र ब्रजलाल, 10 वर्षीय दीपक और उसका भाई अज्जू पुत्र लोचन और सूरज पुत्र बबलू यमुुना नदी में नहाने के लिए उतरे। नहाते समय सभी अचानक यमुना में डूबने लगे तो दीपक ने शोर मचाना शुरू कर दिया। आसपास मौजूद नाविकों ने बालकों को डूबते देखा तो उन्होंने भी यमुना में छलांग लगा दी जिससे सभी को सुरक्षित बचा लिया गया।
कुछ देर बाद भंवर घाट पर पांच बच्चे पानी में डूब गए। पंजाब निवासी निशांत व दो अन्य तथा वृंदावन के रहने वाले शशांक और हर्ष यमुना में नहाने के दौरान डूबने लगे। नाविक अनु, श्रीकृष्ण, राजाराम, मोहर सिंह और मन्नू ने पांच बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। पंजाब निवासी निशांत ने बताया कि वह यहां एक आश्रम में रुके हुए हैं। भंवरघाट के मामले की पुलिस को जानकारी नहीं है, लेकिन नाविकों ने इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया है।