मथुरा। नवजात शिशुओं की मृत्यु दर को कम करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया। इसमें डॉक्टरों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को नवजात पुनर्जीवन की वैज्ञानिक तकनीकों से अवगत कराया।
नेशनल नियोनेटोलॉजी फोरम के जिला समन्वयक डॉ. ओम प्रकाश ने बताया कि जन्म के समय शिशु का न रोना या सांस शुरू न कर पाना मृत्यु का प्रमुख कारण है। ऐसे में जन्म के शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा दी गई तत्काल सहायता से कई मौतों को रोका जा सकता है।
ट्रेनिंग फैकल्टी के सदस्य डॉ. धीरज मोहन गुप्ता, सीएमएस डॉ. अनिल कुमार, नोडल अधिकारी डॉ. सचिन कुमार, नवजात शिशु आईसीयू के इंचार्ज डॉ. संजय गुप्ता, मेट्रन हेमलता शर्मा, नर्सिंग स्टाफ मिशा सिंह, ऋचा शर्मा, आरती सिंह मौजूद रहीं।