लीलाओं के रंग में रंगे ब्रज में इष्ट के दर्शन और पूजन से नए साल का शुभारंभ हुआ। सुबह से ही देवालयों में दर्शनों की होड़ मच गई थी। यमुना में स्नान, आचमन और दुग्धाभिषेक कर देश भर से आए श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने आगामी दिनों के लिए शुभाकांक्षा कीं।
पश्चिमी सभ्यता की चकाचौंध से दूर मथुरा में नई पीढ़ी प्रभु के चरणों में साल की शुरुआत कर रही थी। प्राचीन राजाधिराज मंदिर में तो दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का रेला उमड़ा। प्रभु दर्शन की अभिलाषा के बीच जैसे ही द्वारिकानाथ के पट खुले तो जयजयकार से मंदिर प्रांगण गूंज उठा।
नए साल की पहली सुबह में अपने आराध्य के दर्शन कर श्रद्धालु निहाल हो गए। श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर सुबह से ही भक्तों की कतार थी। दोपहर होते-होते कतार सड़क तक पहुंच गई। भगवान कृष्ण के दर्शनों की ललक में श्रद्धालु घंटों खड़े रहे। दिल्ली से आए रंजीत सिन्हा ने बताया कि वो हर बार साल की शुरुआत प्रभु के चरणों में करते है। वो अपने परिवार के साथ आये हैं।
फरीदाबाद से आईं रुक्मिणी बोलीं प्रभु के दर्शन से आत्मशांति मिलती है। साल के पहले दिन यह अलौकिक सुख वर्ष भर ऊर्जा प्रदान करता है।