मथुरा। केंद्रीय बजट 2026 में रियल एस्टेट सेक्टर के लिए परिसंपत्तियों की रीसाइक्लिंग में तेजी लाने की घोषणा के बाद रियल एस्टेट कारोबारियों को फायदा होगा। यह मॉडल बिल्डर और सरकारी संस्थाओं को अपनी पुरानी या डेड संपत्तियों को मॉनेटाइज करने की अनुमति देगा, जिससे प्राप्त धन को नए प्रोजेक्ट्स में फिर से निवेश किया जा सकेगा। इससे न केवल बाजार में नकदी का प्रवाह बढ़ेगा, बल्कि सेक्टर में पारदर्शिता और निवेशकों का भरोसा भी मजबूत होगा। यह घोषणा बिल्डरों की समस्या को दूर करने में गेम-चेंजर साबित होगा। हालांकि कुछ कारोबारियों ने बजट पर मिलीजुली प्रतिक्रियां दीं।
इस बजट में अर्थव्यवस्था के साथ उद्योग और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्टार्टअप और एमएसएमई सेक्टर भी विकसित होंगे। साथ ही रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इससे जिले की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।
श्याम चतुर्वेदी, माधव मुस्कान ग्रुप
रियल एस्टेट सेक्टर के लिए परिसंपत्तियों की रीसाइक्लिंग में तेजी लाने की घोषणा से इस क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा। नए स्टार्टअप खड़े होने से रियल एस्टेट कारोबार को ऊंची उड़ान मिलेगी।
-विपिन अग्रवाल, रियल एस्टेट कारोबारी
बजट में आयकर की कई विसंगतियों को ठीक करने का प्रयास किया गया है, जिसमें टीडीएस और टीसीएस के प्रावधानों का सरलीकरण किया गया है। इससे करदाता को अनावश्यक कानूनी प्रावधानों से राहत मिलेगी।
- गौरव अग्रवाल, रियल एस्टेट कारोबारी