मथुरा। जिले में परिषदीय स्कूलों के हालात खराब हैं। यूनिफार्म के लिए न तो नए सत्र में डीबीटी धनराशि के स्थानांतरण का काम पूरा हो पाया है और न ही सभी छात्रों को नए सत्र की किताबें मिल पाई पाई हैं। ऐसे में परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के ख्वाब कैसे पूरे होंगे। ये सवाल उठ रहा है।
एक ओर जहां निजी स्कूलों में नए सत्र का सिलेबस तेजी से पूरा कराया जा रहा है तो वहीं जिले के परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को किताब और ड्रेस के लिए धनराशि मिलने का इंतजार करना पड़ रहा है। ये इंतजार कब तक खत्म होगा। ये छात्रों के सामने यक्ष प्रश्न बन गया है। जिले के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले 125398 छात्रों के अभिभावकों के खाते में डीबीटी की धनराशि भेजी जानी है।
इनमें से 99475 छात्रों के आधार सत्यापन का काम पूरा हो चुका है। इनके खातों में तो ड्रेस खरीदने के लिए डीबीटी की धनराशि भेज दी गई है पर 25923 छात्र-छात्राओं का आधार सत्यापन ही अब तक नहीं हो पाया है। इन छात्रों के अभिभावकों के खाते में डीबीटी की धनराशि नहीं पहुंची है। ऐसे में इनमें से अधिकांश छात्र बिना यूनिफार्म के स्कूल पहुंच जा रहे हैं। कई बच्चों के पास जूते भी नहीं हैं।
एक भी नई किताब नहीं
कक्षा 1 और 2 में पढ़ने वाले छात्रों को जहां एक भी नई किताब नहीं मिल पाई है तो वहीं कक्षा 6,7 और 8 में पढ़ने वाले सभी छात्रों को अभी तक गणित और विज्ञान विषय की किताबें नहीं मिल पाई है। ये सभी छात्र फिलहाल पुरानी किताबों से ही काम चला रहे हैं।
जल्दी ही डीबीटी के लिए सभी छात्रों के आधार सत्यापन का काम पूरा कर लिया जाएगा। सभी छात्रों के बीच किताबों का भी वितरण जल्दी ही करवा दिया जाएगा। विद्यालय के भवनों की मरम्मत का काम भी करवाया जा रहा है।
सुनील दत्त(बीएसए)