हथिनीकुंड बैराज से उत्तर प्रदेश के हिस्से का यमुना जल दिलाने और यमुना के संवैधानिक अधिकार की मांग को लेकर संघर्ष को राष्ट्रव्यापी जनआंदोलन बनाने का निर्णय लिया गया है। छत्ता बाजार स्थित ठाकुर राधाकांत जी महाराज मंदिर परिसर में यमुना पुत्रों और यमुना भक्तों की बैठक में यह फैसला लिया गया।
बैठक में बताया गया कि वर्ष 1985 से चल रहे यमुना संरक्षण आंदोलन के 41वें वर्ष में ब्रजभक्त मंडल श्री मथुरापुरी के तत्वावधान में मां यमुना जल लाओ अभियान–संवैधानिक मिशन के अंतर्गत प्रोजेक्ट मां यमुना–मिशन रिहाई शुरू किया जाएगा।
संस्थापक अध्यक्ष एवं यमुना पुत्र एडवोकेट मुकेश चतुर्वेदी ने कहा कि वर्ष 1994 में पांच राज्यों के बीच हुए यमुना जल बंटवारा समझौते (यमुना पंचाट) की अवधि वर्ष 2020 में समाप्त हो चुकी है। इसके बावजूद उत्तर प्रदेश के हिस्से के यमुना जल को लेकर अपेक्षित पहल नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यह केवल नदी नहीं, बल्कि संवैधानिक अधिकार, पर्यावरण संरक्षण और भावी पीढ़ियों के भविष्य का विषय है। उन्होंने अभियान के तहत विश्व में पहली बार 1008 दिवसीय उपवास-अनशन का संकल्प लेने तथा देशभर से 10 लाख यमुना भक्तों और सनातनी श्रद्धालुओं के सहमति-पत्र जुटाने की घोषणा की। इसके लिए जनसंपर्क अभियान, पदयात्राएं और जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
संस्था के सक्रिय सदस्य पं उपेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि 25 जुलाई को कात्यायनी घाट पर यमुना पूजन के साथ 1008 दिवसीय उपवास-अनशन के संकल्प एवं मिशन रिहाई–लड़ाई हक की अभियान का औपचारिक शुभारंभ होगा। बैठक में अनिल चतुर्वेदी, संजय चतुर्वेदी, योगेंद्र पाठक, राजेश चतुर्वेदी, रवि चतुर्वेदी, गणेश चतुर्वेदी, बनवारी लाल, श्याम शर्मा, दिनेश अग्रवाल, पप्पू सहित अनेक यमुना भक्त मौजूद रहे।