स्वच्छता को लेकर छेडे़ गए अभियान के तहत अब जनपद के सभी निकाय टंचिंग ग्राउंड की तलाश में जुट गए हैं। मथुरा-वृंदावन को छोड़ जनपद के किसी भी निकाय पर कूड़ा निस्तारण के लिए स्थान ही नहीं है। तीन नगर पालिका और 13 नगर पंचायतों वाले जनपद में दो निकाय ऐसे हैं, जिनके पास अब तक कूड़ा निस्तारण के लिए भी स्थान नहीं है। इसमें अधिकांश
निकाय मुख्य मार्गों पर कूड़े को फेंककर या फिर आग के हवाले करते हुए निस्तारण करते आ रहे हैं। आग लगाकर कूड़ा निस्तारण मथुरा-वृंदावन पालिकाओं के साथ मथुरा छावनी भी कर रही है। इस मामले में एनजीटी ने इन निकायों पर लाखों रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सफाई के मामले में मथुरा की स्थिति बेहद कमजोर होने के कारण अब इसे बदलने की
रणनीति पर काम हो रहा है। इसमें डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी ने सभी निकाय प्रमुखों से टंचिंग ग्राउंड की रिपोर्ट मांगी, लेकिन मथुरा-वृंदावन के अलावा किसी के ने इस उद्देश्य से जमीन चयन हीं नहीं किया है। ऐसे शनिवार को सभी एसडीएम और निकाय प्रभारी टंचिंग ग्राउंड के लिए जमीन ढूंढ़ने में जुटे रहे हैं। प्रस्ताव सोमवार को ही डीएम को भेजा जाएगा।