चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
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बाबा जयगुरुदेव आश्रम पर एक बार फिर शिकंजा कसने जा रहा है। हाईकोर्ट के ताजा सख्त आदेश के बाद मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण हरकत में आ गया है। मौके पर स्थिति का आकलन करने के लिए संबंधित अभियंताओं को निर्देश दे दिए गए हैं।
दिल्ली-आगरा नेशनल हाईवे स्थित जयगुरुदेव आश्रम में नाम योग साधना मंदिर के पीछे बाबा जयगुरुदेव का समाधि स्थल बनाया जा रहा है। इसकी निर्माण प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही विवादों में आ गई है। यह निर्माण ऐसे स्थान पर किया जा रहा है, जिसका कुछ हिस्सा महोली ग्राम पंचायत का है। इस जमीन को मुलायम सिंह सरकार ने आश्रम ट्रस्ट को 30 साल के पट्टे पर दिया था।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण में हलचल शुरू हो गई है। इस स्थल पर निर्माण कार्य विकास प्राधिकरण की अनुमति से ही किया जा रहा है। इसका नक्शा भी विकास प्राधिकरण की ओर से सितंबर महीने में स्वीकृत किया गया है।
हालांकि पूर्व में आपत्तियों का निस्तारण न होने पर नक्शे को निरस्त कर दिया गया था, बाद में संशोधित नक्शे को विप्रा ने पास कर दिया था। हाईकोर्ट के आदेश के बाद वर्तमान स्थिति में विप्रा के अभियंताओं ने निर्माण का जायजा लिया है।
हालांकि विकास प्राधिकरण के सचिव विजय कुमार का कहना है कि हाईकोर्ट का आदेश मिलने के बाद आगामी कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।