वृंदावन। श्रीबांकेबिहारी मंदिर क्षेत्र में जर्जर मकानों के खिलाफ नगर निगम अब बड़े एक्शन के मूड़ में है। बार-बार दी चेतावनी और नोटिस को नजरअंदाज करना भवन स्वामियों को भारी पड़ने वाला है। सोमवार से निगम की टीमें इन खतरनाक इमारतों को ढहाने और मरम्मत का काम शुरू कर देंगी। खास बात यह है कि इस पूरी कार्रवाई में आने वाला खर्च भी दोषी मकान मालिकों की जेब से ही वसूला जाएगा।
गौरतलब है कि करीब 20 दिन पहले (9 जून को) बांकेबिहारी मंदिर के पास गली नंबर 5 में एक बड़ा हादसा होते-होते बचा था। वहां सुधीर गोस्वामी के मकान का छज्जा अचानक भरभराकर गिर गया था जिसकी चपेट में आने से आधा दर्जन से अधिक श्रद्धालु मलबे में दबकर घायल हो गए थे। इस घटना के बाद हरकत में आए जिला प्रशासन और नगर निगम ने मंदिर के आसपास की तंग गलियों का सर्वे कराया था।
सर्वे में मिले अति-जर्जर भवनों के स्वामियों को तकरीबन 15 दिन पहले ही नोटिस जारी कर खुद कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे। निगम अधिकारियों के मुताबिक नोटिस की समय-सीमा बीत जाने के बाद भी किसी भवन स्वामी ने अपने स्तर पर कोई सुध नहीं ली। शनिवार को नगर निगम की टीम ने प्रभावित इलाकों का दौरा कर सभी को अंतिम चेतावनी (लास्ट वार्निंग) दे दी है। अपर नगरायुक्त सीपी पाठक ने कहा जर्जर मकान या छज्जा अब किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, या तो भवन स्वामी खुद ही तोड़ लें, वरना विभाग कार्रवाई करेगी।
दो इमारतें की गईं डेंजर जोन में घोषित
निगम की जांच में दो भवनों की स्थिति बेहद डरावनी पाई गई है, जिन्हें पूरी तरह जर्जर घोषित कर दिया गया है। एक भवन गली नंबर 5 में स्थित है तो दूसरा भवन गली नंबर 4 और 5 के कोने पर ठीक उसी स्थान के सामने जहां छज्जा गिरा था। श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन दोनों इमारतों को पूरी तरह से हटाकर मैदान साफ करने का फैसला लिया गया है।