मुड़िया पूर्णिमा मेले में गिरिराज भक्तों का रेला रेल की छत पर बैठ जान जोखिम में डालकर आया। रेलवे के तमाम दावे भी भीड़ के आगे फेल हो गए। गुरुवार की रात 9 बजे के बाद समय से डेढ़ घंटे देरी से कासगंज की ओर से मथुरा कैंट आई पैसेंजर ट्रेन की पूरी छत श्रद्धालुओं से भरी थी। उधर गोवर्धन चौराहे के पास विकट जाम लगा रहा। भूतेश्वर चौराहे पर भी यही स्थिति रही।
मुड़िया पूर्णिमा मेले में गिरिराज जी की परिक्रमा के लिए श्रद्धालुओं का रेला देख कैंट पर आरपीएफ के लोग भी असहाय नजर आए। भारी भीड़ की वजह से मथुरा के गोवर्धन चौराहे से लेकर छटीकरा चौराहे, छाता में गोवर्धन चौराहा, छटीकरा-राधाकुंड रोड, बरसाना रोड, अलवर रोड सहित आसपास की सड़कों पर जाम लगा रहा। जाम में फंसी रोडवेज की बसें रेंगकर चलीं।
आस्था और श्रद्धा उफान पर
मुड़िया पूर्णिमा मेला में आस्था और श्रद्धा गुरुवार को जोरों पर रही। अनुमान है कि बीते चार दिनों में ही 50 लाख से अधिक श्रद्धालु गिरिराजजी की परिक्रमा लगा चुके हैं। उत्तर भारत के सबसे बड़े मेले में गर्मी का मौसम होने के बाद भी लोगों के कदम ठिठक नहीं रहे हैं। लाखों की भीड़ दानघाटी मंदिर से परिक्रमा प्रारंभ कर आन्यौर परिक्रमा मार्ग होते हुए पूंछरी का लौठा, राजस्थान पहुंच रही है। पूंछरी के लौठा की जय-जयकार के बीच जतीपुरा मुखारबिंद मंदिर होकर श्रद्धालु मानसी गंगा, राधाकुंड होकर गोवर्धन पहुंच रहे हैं।