‘जा नें तीन तीन कन्या मारि दई। भलौ भयौ, नहीं जानि अबई कितनी कन्यान कूं मारि दें तौं। हर बार बचतु और रहिया। गांम के आपस मे लड़त रहे और बु मजे में रहिया। परि कल बाकौ पाप का घड़ा भरि गयौ। सो ऐसौ है गयौ।’
फरह के गांव परखम में बुधवार को बालिका के घर सांत्वना देने के लिए महिलाओं के टोल के टोल व रिश्तेदार पहुंच रहे हैं। वहीं गांव में महिलाओं, बच्चों, हर जुबां पर इसी घटना की ही चर्चा है।
गांव की कमलेश, सुधा, रामवती, व साहब सिंह सांत्वना देकर निकले और बोले कि जा ललुआ ने ‘तीन तीन कन्यन की हत्या कर दई। जि तौ भलौ भयौ, नहीं तौ अब ही जानि कितनी न कूं और खाइ जां तौ। ताज्जुब की बातै कि अब ई तक पकरियौ नाहिं गइयौ। पुलिस ने कबऊ काऊ कन्या की हत्या में ताती नांय करी। आपस में ई लोग लड़त रहे और पुलिस मौज करति रही।’
जान बचाने की जल्दी में ताला तक नहीं लगा पाए
मथुरा। गांव परखम में बालिका की दुराचार के बाद हत्या के बाद भड़का लोगों का गुस्सा पूरी बस्ती ने झेला। दो दरिंदों के कुकृत्य की सजा उसके समाज के 23 परिवारों ने झेली। गांव परखम, मुस्तफाबाद, जलालपुर के इन परिवारों में एक भी ऐसा नहीं है कि जिसके घर में दीपक जला हो। पूरी बस्ती खाली हो गई।
गांव की 12 वर्षीय बालिका सोमवार सायं तीन रुपये का लालच देकर गांव के वाल्मीकि युवक ललुआ व उसके साथी सोनू ने दुराचार के बाद उसकी हत्या कर शव झाड़ियों में फेंक दिया था। घटना का खुलासा होने के बाद ग्रामीणों ने परखम चौकी से खींच कर ललुआ को पीटपीट कर मार डाला और सोनू को पीट-पीट कर मरणासन्न हालत में पहुंचा दिया।
ग्रामीणों की मंशा भांप वाल्मीकि समाज के गांव परखम के 15, मुस्तफाबाद के चार तथा जलालपुर के चार परिवार गांव से जान बचाकर भाग निकले। वाल्मीकि परिवारों घरों के हालात बता रहे हैं कि घर से भागने की जल्दी में जो जिस हाल में उसी में भाग निकला। किसी के मकान पर ताला नहीं लगा था तो किसी के कपड़े बर्तन बाहर ही रह गए। सभी के मकानों के बिजली के बल्ब भी जलते रह गए।
आठ बजे ट्रेन आ गई, सब उसी में चढ़ गए
मथुरा। जिस समय भीड़ आरोपी ललुआ और सोनू वाल्मीकि की पिटाई कर रही थी, उसी समय सुबह आठ बजे कासगंज से मथुरा जाने वाली पैसेंजर ट्रेन आ गई। ट्रेन छूट न जाए इसकी जल्दी में वाल्मीकि परिवार के दर्जनों परिवार सवार हो गए और जान बचाकर भाग गए।
तीन बच्चों का बाप था दुराचारी ललुआ
मथुरा। बालिका की दुराचार के बाद की गई हत्या का आरोपी ललुआ शादीशुदा था और तीन बच्चों का पिता था। बालिकाओं पर गंदी नीयत रखने वाले दुराचार के आरोपी 30 वषीय ललुआ की 15 साल पहले उसकी शादी कागारोल आगरा के गांव चेतपुर से हुई। वहीं उसका मित्र सोनू वाल्मीकि भी इसी प्रवृत्ति का है। 28 वर्षीय सोनू तंत्र क्रिया करता है और निकट के ही एक तांत्रिक का शिष्य है। बताते हैं सोनू अच्छा तैराक है। पानी वह डूबकर पांच मिनट गुजार देता है ओर सांस रोक लेता है।
आरके गौतम सीओ रिफाइनरी, प्रवीन एसओ फरह
मथुरा। एसएसपी डा. राकेश सिंह ने सीओ क्राइम रहे आरके गौतम को सीओ रिफाइनरी बनाया है वहीं एसएसपी के पीआरओ प्रवीन कुमार मान को एसओ फरह बनाया है।