जेल की बैरकों में लूट और कत्ल के प्लान तैयार हो रहे हैं। वर्षों से सलाखों के पीछे बंद बड़े अपराधी उन बदमाशों को सुपारी दे देते हैं जो जमानत पर रिहा हो रहे होते हैं। बस यही बदमाश जेल से आते ही वारदातों को अंजाम देना शुरू कर देते हैं। मथुरा में पिछले जितनी भी सनसनीखेज वारदात हुईं हैं उनमें हाल ही में जेल से छूटे अपराधियों का नाम सामने आया है।
केस 1
सतवीर फौजी गैंग के लोगों ने आठ माह पहले राया के गैस गोदाम में 2.5 लाख की लूट की थी और इसके अलावा भी अन्य लूट की थी। इसमें राया पुलिस ने इगलास कोतवाली के गांव मई निवासी युवक मनवीर सिंह को जेल भेजा था। 20 दिन पहले ही वह जमानत पर छूटा था। करीब एक सप्ताह पहले उसने इगलास कोतवाली की गोरई चौकी क्षेत्र में सराफ को लूट लिया और भागने के दौरान राया के नीमगांव में ग्रामीणों ने पीट-पीट कर मार डाला।
केस 2
राया के गांव मुरसैनियां निवासी गजेन्द्र भी राया गैस गोदाम लूटकांड, भाई बहिन से रक्षा बंधन पर लूट और आगरा में हुई लूट में गिरफ्तार किया था। वह लंबे समय से आगरा जेल में बंद था। जेल से छूटते ही उसने अपने गांव के युवक और टेंपो चालक ब्रजेन्द्र निवासी मुरसैनियां की थाना सदर बाजार में गोली मारकर हत्या कर दी। अब वह फरार है और गजेन्द्र के भाई हरेन्द्र को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
केस 3
थाना गोविंद नगर क्षेत्र के शीतला घाटी निवासी अंकुर भारद्वाज भी 20 दिन पहले जमानत पर छूटा था। इससे पहले वह चांदी लूट व अन्य मामलों में जेल में बंद रहा। मंगलवार रात को उसने मुकुट कारोबारी पवन सिसौदिया से 50 हजार की चौथ मांगी और न देने पर पिटाई कर डाली। जान से मारने की नीयत से फायर कर दिया था। आसपास के लोगों ने उसे पकड़ कर पुलिस को सौंपा। पुलिस ने उसे जेल भेज दिया।