संसद में बुधवार को मथुरा का दर्द गूंजा। सांसद हेमामालिनी ने बजट सत्र के दौरान यहां की आवश्यकताओं को रखा। उन्होंने जिले के ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था, सड़कें और टीटीजेड से प्रभावित उद्योगों की बात की। कहा कि यहां के शहरों में गंदगी होने से पर्यटन पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है।
संसद में अपने 12 मिनट के भाषण के दौरान सांसद हेमामालिनी ने पीएम नरेंद्र मोदी और वित्तमंत्री अरुण जेटली के फैसलों की तारीफ की। सरकार का ध्यान मथुरा पर केंद्रित करते हुए हेमामालिनी ने कहा कि यहां सफाई न होने के कारण देशी-विदेशी पर्यटक मुंह मोड़ रहे हैं।
गांवों में स्वास्थ्य केंद्र और सड़कों की हालत खस्ता है। ताज ट्रिपेजियम जोन होने के कारण यहां का उद्योग खत्म हो गया है। अब यहां युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए ऐसे उद्योग को बढ़ावा देने की जरूरत है जो टीटीजेड में प्रतिबंधित न हों।
सांसद हेमामालिनी ने केंद्र सरकार से मांग की है कि मथुरा में पांच मेगावाट की क्षमता के प्रस्तावित सोलर प्लांट को 100 मेगावाट में परिवर्तित किया जाए। केंद्रीय विद्यालय, यमुना को प्रदूषण मुक्त, प्रमुख मंदिरों के आसपास वाईफाई और सुरक्षा के प्रबंध किए जाएं। यहां आने वाले पर्यटकों को कृष्ण लीलाओं का दर्शन कराने के लिए कान्हा थीम पार्क की स्थापना की जाए।